- अमेरिका का डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस जल्द ही गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोप वापस लेने की घोषणा कर सकता है
- वरिष्ठ वकील संजय अशर के अनुसार आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं था और सेटलमेंट इसका प्रमाण है
- नवंबर 2024 में अदाणी ग्रुप पर भारत में सोलर प्रोजेक्ट के लिए रिश्वत देने के आरोप लगाए गए थे
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में लगे धोखाधड़ी के आरोप जल्द ही खत्म हो सकते हैं. ये दावा ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में किया गया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका का डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ)जल्द ही गौतम अदाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक आरोप वापस लेने का ऐलान कर सकता है. वहीं, अमेरिकी सिक्योरिटीज ऐंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) भी अपने सिविल फ्रॉड केस को समझौते के जरिए खत्म करने की दिशा में बढ़ रहा है. अमेरिकी अधिकारियों ने ये मामला सुलझाने और आपराधिक मामले को वापस लेने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं.
'कोई आधार नहीं था'
मामले को बारीकी से समझाते हुए क्रॉफर्ड बेली एंड कंपनी के पार्टनर और वरिष्ठ वकील संजय अशर ने कहा, 'अमेरिका के जो आरोप थे, उसका कोई आधार नहीं था. फिर भी एसईसी और डीओजे ने मुकदमा चालू किया और अभी सेटलमेंट भी कर लिया है. इसका मतलब ये भी निकलता है कि जो भी आरोप लगाए गए थे, उसमें कोई दम नहीं था. इसीलिए एसईसी ने भी एक्सेप्ट कर लिया है कि हमको सेटल करना चाहिए. क्योंकि ये अगर आगे बढ़ेगा तो उसमें एसईसी का जो दावा है, एसईसी के जो आरोप हैं, वो सब डिसमिस हो जाएंगे.'
'आरोप फालतू में लगाए गए थे'
अपनी बात को और विस्तार से समझाने हुए वरिष्ठ वकील संजय अशर ने कहा, 'अपने लगाए आरोपों में दम नहीं देखकर ही एसईसी ने कहा है कि चलो, हम उसको सेटल कर देते हैं. अगर उनके आरोपों में कुछ भी गंभीर बात होती तो एसईसी उसको सेटल नहीं करती. केस को और आगे जाने देती. तो इससे ये साबित होता है मेरे हिसाब से कि जो आरोप लगाए गए थे, उसमें कोई भी ज्यादा दम नहीं था. इसीलिए एसईसी ने ये सेटलमेंट का प्रपोजल सेटल कर लिया है. तो मेरे हिसाब से इससे ये प्रूव हो जाता है कि देखो अदाणी सर ने कोई गलती नहीं की थी. सिर्फ आरोप फालतू में लगाए गए थे और उसमें कोई दम नहीं था.
'...जो भी आरोप लगाए गए थे उनमें कोई दम नहीं था': संजय अशर, वरिष्ठ वकील, पार्टनर, क्रॉफर्ड बेली एंड कंपनी
— NDTV India (@ndtvindia) May 15, 2026
गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में खत्म हो सकता है केस - ब्लूमबर्ग रिपोर्ट#GautamAdani | @vikasbha pic.twitter.com/10dnAV2uVs
पूरा मामला क्या है?
नवंबर 2024 में अमेरिका के ब्रुकलिन स्थित अभियोजन पक्ष ने गौतम अदाणी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ पांच आरोपों वाली चार्जशीट दाखिल की. आरोप लगा कि भारत में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए करीब 25 करोड़ डॉलर की रिश्वत योजना बनाई गई.
इसके समानांतर अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने भी सिविल फ्रॉड केस दायर किया. अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन का आरोप था कि अदाणी ग्रीन एनर्जी से जुड़े बड़े सोलर प्रोजेक्ट के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने या उसका वादा करने की योजना बनाई गई.
हालांकि, अदाणी समूह ने शुरुआत से ही सभी आरोपों को गलत बताया. समूह का कहना रहा कि गौतम अदाणी और सागर अदाणी पर अमेरिकी फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेज एक्ट (Foreign Corrupt Practices Act) के तहत कोई आरोप तय नहीं हुआ था और कई रिपोर्ट्स भ्रामक थीं.
अब अचानक क्या बदल गया?
अब अमेरिकी एजेंसियों के रुख में नरमी दिख रही है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अमेरिका का डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस इस हफ्ते ही आपराधिक आरोप वापस लेने का फैसला घोषित कर सकता है. इसके अलावा अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन केस में भी समझौते का रास्ता निकलता दिख रहा है.
15 मई 2026 को अदाणी ग्रीन एनर्जी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि अमेरिकी अदालत में अंतिम फैसले की प्रक्रिया जारी है और आदेश का इंतजार है. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस कानूनी प्रक्रिया में पार्टी नहीं है और उसके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं.
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(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)
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