टाटा समूह में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन द्वारा फरवरी 2027 में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किए जाने के एक दिन बाद टाटा ट्रस्ट्स ने उनके उत्तराधिकारी की तलाश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
टाटा संस के प्रमुख शेयरधारक सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) ने गुरुवार को कहा कि ट्रस्ट के न्यासियों (ट्रस्टीज) ने एक प्रस्ताव पारित कर चयन समिति गठित करने का निर्णय लिया है. यह समिति टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के अनुरूप अगले चेयरमैन के नाम की सिफारिश करेगी.
ट्रस्ट ने अपने बयान में कहा कि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए चयन समिति का गठन जल्द से जल्द किया जाएगा, जिसका उद्देश्य टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में बिना किसी व्यवधान के नेतृत्व हस्तांतरण सुनिश्चित करना है.
सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन के निर्णय का सम्मान करते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की. ट्रस्ट ने कहा कि वह टाटा संस को एक "सुगम, समयबद्ध और व्यवस्थित नेतृत्व परिवर्तन" सुनिश्चित करने में पूरा सहयोग देगा, ताकि समूह के दीर्घकालिक हितों और मूल्यों की रक्षा की जा सके.
यह घटनाक्रम उस घोषणा के बाद सामने आया है जिसमें एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस बोर्ड को सूचित किया था कि वह अगले कार्यकाल के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाएंगे. इससे पिछले कई महीनों से चल रही उत्तराधिकार संबंधी अनिश्चितताओं पर काफी हद तक स्पष्टता आ गई है.
टाटा ग्रुप के साथ चंद्रोखरन का 40 साल का साथ
करीब 40 वर्षों से टाटा समूह से जुड़े चंद्रशेखरन ने बुधवार को कहा था कि वह अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद पद छोड़ देंगे. यह फैसला ऐसे समय आया जब उन्हें सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट दोनों की ओर से अगले पांच वर्षों के लिए कार्यकाल बढ़ाने का समर्थन मिला हुआ था.
चंद्रशेखरन के अनुसार, दोनों ट्रस्टों ने सर्वसम्मति से उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने की सिफारिश की थी. इस प्रस्ताव को बाद में टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी और कंपनी के बोर्ड का भी समर्थन प्राप्त हुआ था.
हालांकि, 24 फरवरी 2026 को टाटा संस बोर्ड के समक्ष रखे गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति नहीं मिल सकी, क्योंकि एक निदेशक ने इसका समर्थन करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से नेतृत्व को लेकर चर्चा और अटकलें चल रही थीं.
चंद्रशेखरन ने कहा था कि टाटा संस इस समय कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाओं पर काम कर रही है और ऐसे में निवेशकों के लिए फरवरी 2027 के बाद के नेतृत्व को लेकर स्पष्टता होना जरूरी है.
एन. चंद्रशेखरन ने जनवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था. इससे पहले वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) के रूप में कार्य कर चुके थे. उन्होंने 1987 में टीसीएस में एक प्रशिक्षु (इंटर्न) के रूप में अपना करियर शुरू किया था और धीरे-धीरे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे.
उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने डिजिटल, प्रौद्योगिकी, विमानन, उपभोक्ता व्यवसाय, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक विस्तार जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की.
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