दो दिन की साप्ताहिक बंदी के बाद सोमवार को शेयर बाजार खुले तो गिरावट देखने को मिली. जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरान के हमले ने एक बार फिर जियोपॉलिटिकल चिंताएं बढ़ाई हैं. एशियाई बाजारों में सुस्ती और मिडिल ईस्ट में नए सिरे से बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी का असर घरेलू बाजारों पर साफ देखा गया.
शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) 133.78 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,130.73 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) 58.10 अंक यानी 0.24 प्रतिशत फिसलकर 24,117.55 पर आ गया.
रुपये में भी आज डॉलर के मुकाबले गिरावट देखी जा रही है. रुपया आज 13 पैसे की गिरावट के साथ खुला. शुरुआती कारोबार में रुपया आज डॉलर के मुकाबले 13 पैसे गिरकर 95.56 के करीब कारोबार करता दिखा.
मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली
आज के शुरुआती कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में नजर आए. निफ्टी मेटल (Nifty Metal) सबसे ज्यादा 1.70 प्रतिशत टूट गया. निफ्टी आईटी (Nifty IT) में 1.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी मीडिया, पीएसयू बैंक, रियल्टी, सीमेंट, केमिकल्स और एफएमसीजी इंडेक्स भी 0.73% से 1% तक लुढ़क गए. इसके विपरीत, निफ्टी प्राइवेट बैंक शुरुआती कारोबार में मामूली रूप से 0.06 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ हरे निशान में नजर आया. शशिधर जगदीशन के HDFC बैंक में MD और CEO का पद छोड़ने और दोबारा नियुक्ति नहीं लेने के फैसले की खबरों के बावजूद शेयरों में उछाल देखने को मिला.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज ट्रेडिंग की शुरुआत कुछ बड़ी बाधाओं के साथ हुई है.
- फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिकी फेड रिजर्व के प्रमुख केविन वॉर्श के इस बयान से बाजार का मूड बिगड़ा है कि यदि महंगाई तय लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है, तो केंद्रीय बैंक को सख्त कदम उठाने होंगे. इसे 15-16 सितंबर को होने वाली FOMC बैठक में ब्याज दरें बढ़ाए जाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
- कच्चे तेल में आग: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) 2 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 90.67 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चिंता बढ़ गई है. डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 85.09 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है.
- एशियाई बाजारों में कमजोरी: जापान का निक्केई 1% से ज्यादा, हांगकांग का हैंग सेंग 0.7% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1% से अधिक की गिरावट के साथ कमजोर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा, HDFC बैंक के नए CEO के नाम को लेकर चल रही अटकलों और MSCI इंडेक्स में बदलाव के चलते भी निवेशकों में सतर्कता का माहौल है.
एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही निफ्टी पर दबाव दिख रहा हो, लेकिन व्यापक बाजार (Broader Market) में शेयरों में हलचल बनी हुई है. तकनीकी रूप से, बाजार को 24,060 के स्तर के आसपास सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. हालांकि, मजबूती का संकेत तभी मिलेगा जब निफ्टी 24,215 के स्तर को पार कर जाए. दूसरी ओर, यदि यह 24,060 के ऊपर टिक नहीं पाया, तो सूचकांक फिसलकर 23,575 के स्तर तक आ सकता है.
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