Market Closing: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुआ. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को मार्केट के लिए कोई भी गुड न्यूज नहीं रही. बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि देखते ही देखते सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए. सेंसेक्स करीब 1500 अंक फिसल गया, जबकि निफ्टी में 450 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई.
निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूबे
बाजार में आई इस सुनामी ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है. महज कुछ घंटों के भीतर निवेशकों की करीब 10 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति खाक हो गई. गुरुवार, 12 मार्च को भी बाजार में भारी तबाही मची थी. सेंसेक्स 829.29 अंक टूटकर 76,034.42 पर बंद हुआ था. इस गिरावट की वजह से एक ही दिन में निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ रुपये डूब गए. विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भी कल बाजार से जमकर पैसा निकाला और करीब 7,049.87 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए.
कल की भारी गिरावट के बाद आज शुक्रवार, 13 मार्च को भी शेयर बाजार लाल निशान में ही खुला. ईरान युद्ध की आहट और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है. हफ्ते का आखिरी कारोबारी बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी तेजी से नीचे गिरे हैं, जिससे हर तरफ बस बिकवाली का ही माहौल दिख रहा है.

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एनर्जी को छोड़कर सभी इंडेक्स लुढ़के
शुरुआती कारोबार में बाजार में गिरावट का नेतृत्व आईटी और मेटल शेयर कर रहे थे. सभी सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी और निफ्टी मेटल टॉप लूजर थे. ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, रियल्टी, सर्विसेज, डिफेंस और इन्फ्रा जैसे इंडेक्स भी लाल निशान में थे. केवल एनर्जी इंडेक्स ही हरे निशान में था.
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 181 अंक या 1.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,123 और निफटी मिडकैप 100 इंडेक्स 519 अंक या 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 55,734 पर था.
टॉप लूजर्स और गेनर्स
सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, आईटीसी, एचयूएल, एनटीपीसी और सन फार्म गेनर्स थे. टाटा स्टील, एलएंडटी, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, एचसीएल, इन्फोसिस और टाइटन लूजर्स थे.
मिडिल ईस्ट युद्ध के साये में डूबे ₹23 लाख करोड़
जब से मिडिल ईस्ट में तनाव शुरू हुआ है, तब से भारतीय शेयर बाजार में भयंकर गिरावट देखने को मिली है.अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले से पिछले कुछ दिनों में बीएसई सेंसेक्स 5,252 अंक (6.46%) से से अधिक नीचे आ चुका है. इतना ही नहीं लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 463 लाख करोड़ से गिरकर अब 440 लाख करोड़ रुपये के करीब आ गया है.वहीं 27 फरवरी से अब तक निवेशकों की संपत्ति 23.44 लाख करोड़ रुपये कम हो चुकी है.
कच्चे तेल और एशियाई बाजारों का दबाव
भारतीय शेयर बाजार गिरने की सबसे बड़ी वजह तेल की सप्लाई पर मंडराता खतरा है.निवेशकों में इस डर की सबसे बड़ी वजह कच्चा तेल है, जो $100 प्रति बैरल के आसपास मंडरा रहा है.आज ब्रेंट क्रूड $98 के आसपास बना हुआ है.कल तो इसने $100 का आंकड़ा भी पार कर लिया था.युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट जैसे रास्तों से जहाजों का निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है.
आज एशियाई बाजारों में गिरावट आई है.जापान का Nikkei 1.1% और साउथ कोरिया का Kospi 1.3% टूट चुका है. ताइवान का बाजार भी करीब 0.7% नीचे है.हांगकांग के बाजारों में भी कमजोरी बनी हुई है.
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