Stock Market Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण शुक्रवार ,7 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली. बाजार खुलते ही प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर आ गए. कारोबार की शुरुआत में बीएसई (BSE) सेंसेक्स करीब 338 अंक टूटकर 78,616 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी 50 भी दबाव में आकर 24,592 के आसपास कारोबार करता नजर आया.
सेक्टोरल इंडेक्स में भारी उतार-चढ़ाव
निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी फार्मा और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे ये सेक्टर्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.
दूसरी ओर निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑयल एंड गैस लाल निशान में कारोबार करते दिखे.
टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स
सेंसेक्स पैक की बात करें तो बाजार की गिरावट के बावजूद आईटी और फार्मा से जुड़े कुछ प्रमुख शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की.टीसीएस (TCS), टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), सन फार्मा, एसबीआई (SBI), एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाइटन और आईटीसी टॉप गेनर्स में शामिल रहे.
जबकि बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), भारती एयरटेल, इटरनल और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे हैवीवेट शेयरों में बिकवाली के कारण गिरावट दर्ज की गई.
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिला-जुला रुझान
ब्रॉड-मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी सुस्त और मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 122 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ 63,446 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 38 अंक या 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,839 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा.
कच्चे तेल में तेजी बनी सबसे बड़ी वजह
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल फ्यूचर्स में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 1.2% चढ़कर $83.48 प्रति बैरल के पार पहुंच गया. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर पाबंदी और तनाव बढ़ने की आशंकाओं ने ग्लोबल मार्केट की चिंता बढ़ा दी है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड में तेजी घरेलू बाजार और महंगाई के लिए खराब मानी जाती है.
हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से भारतीय बाजारों में लगातार खरीदारी जारी है, जिससे बाजार को निचले स्तरों पर सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.
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