Share Market Opening Bell: : हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार ,24 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई तेज उछाल से बाजार सहम गया. ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचते ही सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 1-1 फीसदी की गिरावट के साथ खुले. बाजार खुलते ही बीएसई सेंसेक्स 600 से ज्यादा अंक टूटकर 75,755 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 180 से अधिक अंक फिसलकर 23,700 के नीचे जा पहुंचा, जिससे निवेशकों को मिनटों में अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.
सुबह 9:55 बजे तक भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव और तेज हो गया. बीएसई सेंसेक्स 811.48 अंक (1.06%) की बड़ी गिरावट के साथ 75,579.91 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 215.45 अंक (0.90%) फिसलकर 23,654.15 पर कारोबार कर रहा है.
सभी सेक्टर्स में लाल निशान, इन शेयरों पर सबसे ज्यादा असर
हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम से नीचे गिर गया. बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली का माहौल देखने को मिला, जिससे सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में आ गए.निफ्टी रियल्टी 0.95% और निफ्टी मेटल 0.92% टूटा. निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.76%, पीएसयू बैंक 0.75% और निफ्टी ऑटो 0.74% नीचे आए.
अन्य सेक्टर्स की बात करें तो प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी (FMCG) और आईटी (IT) इंडेक्स में भी 0.60% तक की गिरावट रही.
लगातार 5वें दिन गिरा बाजार; 4 दिन में डूबे 4 लाख करोड़
भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन भी गिरावट का दौर जारी है, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है. बीते महज 4 कारोबारी दिनों में बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 481 लाख करोड़ रुपये से घटकर 477 लाख करोड़ रुपये से भी नीचे आ गया है, यानी निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं.
अकेले गुरुवार को ही सेंसेक्स 363 अंक गिरकर 76,391 और निफ्टी 126 अंक फिसलकर 23,869 के स्तर पर बंद हुआ, जिससे एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गई. इस पूरे हफ्ते में सेंसेक्स 1,760 अंक (2.3%) और निफ्टी 465 अंक तक टूट चुके हैं, जिससे शेयर बाजार के निवेशकों की चिंता बढ़ती जा रही है.
बाजार में गिरावट की 4 बड़ी वजहें
1.अमेरिका का नया टैरिफ
अमेरिका ने अपने 60 कारोबारी देशों से आने वाले सामान पर 10% से 12.5% तक का नया टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है, इससे ग्लोबल बिजनेस को लेकर डर का माहौल बन गया है. जहां अन्य देशों पर 12.5% तक का शुल्क लगाया गया है, वहीं भारत पर केवल 10% का निचला टैरिफ लागू होगा. यह नया टैरिफ 24 जुलाई से लागू हो गया है और भारत के साथ-साथ कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे 17 देश भी इस 10% वाले निचले स्लैब में शामिल हैं.
2. लाल सागर में हमले से ब्रेंट क्रूड $100 के पार
लाल सागर (Red Sea) में ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल टैंकरों पर किए गए हमलों के बाद भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है. इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गईं.
3. ग्लोबल बाजारों में हाहाकार
अमेरिकी शेयर बाजार में रातों-रात हुई भारी बिकवाली का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा. जापान का निक्केई (Nikkei) 3%, हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) 3% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 5% से अधिक टूट गया.
4. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल
अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.7% हो गई है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड्स में लगाने की रफ्तार तेज हो गई है.
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