Share Market Today: शेयर बाजार में लगातार चार दिन की गिरावट के बाद अब सबकी नजर शुक्रवार 24 जुलाई के कारोबार पर है. बीते चार कारोबारी दिनों में निवेशकों की करीब 4 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब चुकी है. इसी बीच GIFT Nifty भी कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है, जबकि कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. ऐसे में सवाल यही है कि क्या आज बाजार पर दबाव जारी रहेगा या खरीदारी लौटेगी?
GIFT Nifty ने दिए कमजोर शुरुआत के संकेत
शुक्रवार सुबह GIFT Nifty 23,689 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. यह गुरुवार को Nifty 50 के 23,869.60 के बंद स्तर से करीब 181 अंक नीचे था. इससे संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है.
4 दिन में निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपये डूबे
घरेलू शेयर बाजार में गिरावट लगातार चौथे दिन भी जारी रही. पिछले शुक्रवार (17 जुलाई) को बीएसई लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 481 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 477 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया है. यानी सिर्फ चार कारोबारी दिनों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की कमी आ चुकी है.
बीते दिन सेंसेक्स-निफ्टी फिसले,निवेशकों को भारी नुकसान
गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 363.66 अंक (0.47%) गिरकर 76,391.39 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह 603.07 अंक तक टूटकर 76,151.98 के स्तर पर पहुंच गया था.वहीं एनएसई निफ्टी 126.65 अंक (0.53%) की गिरावट के साथ 23,869.60 पर बंद हुआ.
सिर्फ एक दिन में ही बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 480 लाख करोड़ रुपये से घटकर 477 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया, जिससे निवेशकों को 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ.
चार दिन में बाजार कितना टूटा?
इस सप्ताह लगातार चौथे कारोबारी दिन बाजार लाल निशान में बंद हुआ. इन चार सत्रों में सेंसेक्स 1,760 अंक यानी 2.3% और निफ्टी 465 अंक यानी करीब 2% टूट चुका है. यह गिरावट निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है.
100 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड, क्यों बढ़ी चिंता?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा कच्चा तेल महंगाई, व्यापार घाटे और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ा सकता है. यही वजह है कि बाजार में भी सतर्कता बढ़ गई है.
अमेरिकी बाजारों में भी भारी बिकवाली
गुरुवार को वॉल स्ट्रीट में भी जोरदार दबाव देखने को मिला. टेक शेयरों में बिकवाली के कारण Nasdaq Composite 1.70%, S&P 500 करीब 0.97% और Dow Jones 1.02% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा. Alphabet समेत कई टेक शेयरों में कमजोरी ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया.
एशियाई बाजारों में गिरावट
अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखा.शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही.
- जापान का Nikkei 225 2.46% गिरा.
- दक्षिण कोरिया का Kospi 3.04% लुढ़का.
- ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.57% नीचे रहा.
- चीन का Shanghai Composite 0.01% फिसला.
आज किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
आज निवेशकों की नजर मिडिल ईस्ट टेंशन, ग्लोबल मार्केट, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव,कंपनियों के तिमाही नतीजे जैसे कई बड़े फैक्टर्स पर रहेगी.
भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और हूती सहयोगियों के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं अमेरिकी प्रशासन शुक्रवार से भारत और यूरोपीय संघ समेत 60 व्यापारिक साझेदारों के कुछ सामानों पर 10% और 12.5% टैरिफ लागू करने जा रहा है. इन घटनाक्रमों का असर ग्लोबल मार्केट के साथ भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है.
क्या आज भी जारी रहेगा दबाव?
फिलहाल GIFT Nifty, महंगा कच्चा तेल, कमजोर ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट और मिडिलि ईस्ट टेंशन ये सभी संकेत बताते हैं कि शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है.
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