IPS Hitika Vasal: मध्य प्रदेश कैडर में 2017 बैच की तेज-तर्रार भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी हितिका वासल ने अपनी कार्यशैली से एक नई मिसाल कायम की है. गुना जिले में पुलिस अधीक्षक पद पर रहते हुए उन्होंने अपराध नियंत्रण के लिए जो स्मार्ट कदम उठाए हैं, उनकी हर तरफ सराहना हो रही है. न केवल उनकी पुलिसिंग शानदार है, बल्कि उनका प्रशासनिक और व्यक्तिगत सफर भी काफी दिलचस्प है.
CCTV नेटवर्क से क्राइम कंट्रोल पर जोर
एनडीटीवी से खास बातचीत में आईपीएस अधिकारी हितिका वासल ने बताया कि वे बीते तीन महीनों से गुना में बतौर पुलिस अधीक्षक तैनात हैं. यहां कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क को मजबूत करने की पुरानी पहल को तेजी से आगे बढ़ाया. इसके तहत पूरे जिले से करीब 80 सीसीटीवी कैमरों को सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जा चुका है. किसी भी आपराधिक वारदात को सुलझाने में इन कैमरों के फुटेज बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं.
सामान्य सीसीटीवी कैमरे 3 मेगापिक्सल के होते हैं, जबकि पुलिस प्रशासन लोगों को 8 मेगापिक्सल क्षमता वाले कैमरे लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. इन उच्च गुणवत्ता वाले कैमरों से फुटेज न केवल अधिक स्पष्ट मिलते हैं, बल्कि इनमें नाइट-विज़न (रात में देखने) की बेहतरीन सुविधा भी उपलब्ध रहती है.
निजता का ध्यान और जन-सहयोग
आईपीएस हितिका वासल ने यह स्पष्ट किया कि पुलिस केवल घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर (सड़क की तरफ) लगे सीसीटीवी कैमरों को ही पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्ट करवा रही है. किसी के घर के अंदरूनी हिस्सों में लगे कैमरों का एक्सेस पुलिस के पास नहीं है. इस सामुदायिक पुलिसिंग पहल में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले लोग नए सीसीटीवी कैमरे लगवाने में सबसे आगे हैं, वहीं आम नागरिक भी इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग दे रहे हैं.

हितिका वासल के पति दिव्यांक सिंह भी उन्हीं के बैच (2017) के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं.
गुना हवाला लूट कांड के बाद मिली जिम्मेदारी
मार्च 2026 में मध्य प्रदेश का 'गुना पुलिस हवाला रकम लूट कांड' काफी सुर्खियों में रहा था. इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस की छवि पर सवाल खड़े हुए थे, जिसके चलते गुना के तत्कालीन थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था. तत्कालीन एसपी अंकित सोनी को पद से हटाए जाने के बाद गुना जिले में कानून-व्यवस्था की कमान तेज-तर्रार 'लेडी सिंघम' हितिका वासल को सौंपी गई.
पंजाब की रहने वाली हैं IPS हितिका वासल
हितिका वासल मूल रूप से पंजाब की रहने वाली हैं. उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2016 में ऑल इंडिया 121वीं रैंक हासिल की थी और उन्हें राजस्थान कैडर आवंटित हुआ था. चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई. दिल्ली विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में बीए ऑनर्स और मैनचेस्टर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री ली.
IAS पति के लिए राजस्थान से मध्य प्रदेश कैडर ट्रांसफर
हितिका वासल के पति दिव्यांक सिंह भी उन्हीं के बैच (2017) के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. दिव्यांक सिंह को मध्य प्रदेश कैडर मिला था. ऐसे में आईपीएस हितिका वासल ने 20 जनवरी 2020 को विवाह के आधार पर राजस्थान से मध्य प्रदेश कैडर में अपना तबादला करवा लिया. एक ही बैच के अधिकारी होने के कारण अक्सर लोग इनकी शादी को एक दिलचस्प लव स्टोरी के रूप में देखते हैं.
यह भी पढ़ें- IPS दिव्या तंवर: घर कब बजेगी शहनाई? मां बबीता तंवर ने NDTV को बताया पूरा प्लान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं