Multi bagger Stock Update: स्टीलको गुजरात (Steelco Gujarat) पिछले कुछ साल में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला शेयर बनकर उभरा है. दरअसल, यह शेयर 2021 में 1.33 रुपये पर ट्रेड किया था. जहां से इस शेयर ने मात्र 5 साल में ही 13,283.46% की वृद्धि दर्ज की है. आसान शब्दों में इसका मतलब ये है कि अगर किसी ने इस शेयर में ₹1.33 के भाव पर एक लाख रुपये निवेश किए होते, तो अब तक के उच्चतम स्तर ₹178 के भाव के हिसाब से निवेश किए गए पैसों की कुल कीमत बढ़कर लगभग ₹1 करोड़ 33 लाख 83 हजार रुपये हो गई होती. यानी इस शेयर ने अप्रैल 2021 में 1.33 का निचला स्तर छुआ था. वहीं, यह शेयर 8 जून 2026 को 178 के उच्चतम स्तर ट्रेड किया था. खास बात ये है कि यह शेयर लगातार अपर सर्किट लगाते हुए अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जिससे आम निवेशकों को इस शेयर में बढ़त के दौरान पैसे लगाने और कमाने का मौका बहुत ही कम मिला.
हालांकि, इस शेयर की कीमत में ऊपरी स्तर से मुनाफा वसूली की वजह से गिरावट देखी जा रही है. शेयर 178 रुपये के अपने उच्चतम स्तर से फिसलकर फिलहाल, 144 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. इस गिरावट की सबसे खराब बात ये है कि बढ़त की तरह गिरावट भी लोअर सर्किट के साथ आ रही है. ऐसे में जो निवेशक शेयर बेचकर मुनाफा वसूलना चाहते हैं, उन्होंने भी मुनाफा वसूलने का मौका नहीं मिल रहा है. दरअसल, असर सर्किट में अक्सर शेयर सुबह खुलते के साथ ही उस स्तर पर पहुंच जाता है, जहां से ट्रेड रोक दी जाती है. उसी तरह लोअर सर्किट लगने पर सुबह खुलते ही शेयर उस स्तर पर पहुंच जाता है, जिसके नीचे शेयर बेचने की इजाजत नहीं होती है.

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एक साल में दिया 1,085.33 % का रिटर्न
स्टीलको गुजरात (Steelco Gujarat) के शेयर ने पिछले एक साल में 1,085.33 प्रतिशत का रिटर्न दिया. इसे आसान शब्दों में समझे तो अगर आपने इस शेयर में एक साल पहले ₹15.00 के भाव पर एक लाख रुपये निवेश किए होते, तो ₹177.80 का भाव होने पर आपके उन पैसों की कुल कीमत शेयर के उच्चतम स्तर बढ़कर लगभग 11 लाख 85 हजार रुपये हो गई होती. दरअसल, इस शेयर का 54 हफ्ते का निचला स्तर 15 रुपये था. इसके बाद इस शेयर ने 178.80 रुपये का उच्चतम स्तर दिखा चुका है.
ऐसे बदली निवेशकों की किस्मत
दरअसल, स्टीलको गुजरात के दिन तब पलटने शुरू हुए, जब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के रेजोल्यूशन प्लान के तहत इसे नया जीवनदान मिला. आपको बता दें कि यह कंपनी नवंबर 2019 से पूरी तरह बंद पड़ी थी. इसके बाद एक नए मैनेजमेंट (Resolution Applicant) ने इस कंपनी को टेकओवर किया और इसे दोबारा चालू करने के लिए ₹86.15 करोड़ की भारी-भरकम पूंजी निवेश की. इस फंड का इस्तेमाल कंपनी के पुराने बकायेदारों और कर्मचारियों के पेंडिंग भुगतानों को निपटाने के लिए किया गया, जिससे कंपनी पर से कानूनी और वित्तीय दबाव काफी कम हो गया.
राइट्स इश्यू की बड़ी सफलता ने जीता भरोसा
कंपनी के रिवाइवल में दूसरा सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट इसका राइट्स इश्यू (Rights Issue) रहा. मई-जून 2026 में कंपनी ने बाजार से ₹14.90 करोड़ जुटाने के लिए राइट्स इश्यू जारी किया था. कंपनी ने अपने योग्य शेयर धारकों को 5:1 के अनुपात में (यानी हर 1 शेयर पर 5 अतिरिक्त शेयर) ₹112 प्रति शेयर के भाव पर नए शेयर आवंटित किए. जून 2026 में इन शेयरों की सफल अलॉटमेंट और लिस्टिंग ने रिटेल और संस्थागत निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर एक सकारात्मक संदेश भेजा.
वित्तीय नतीजों में सुधार
किसी भी कंपनी की असली ताकत उसके बैलेंस शीट से पता चलती है. लिहाजा, कंपनी ने इस ओर भी काम करना शुरू किया. मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही के नतीजों ने सबको हैरान कर दिया. स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी की नेट सेल्स (Net Sales) 1,555% से अधिक बढ़कर ₹33.64 करोड़ पर पहुंच गई, पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा मात्र ₹2.03 करोड़ था. इसके अलावा, कंपनी की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ ने अपने पिछले 3 वर्षों के सीएजीआर (CAGR) को बहुत बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है, जो यह दिखाता है कि कंपनी का बिजनेस ट्रैक पर लौट चुका है.
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प्रमोटर्स का मजबूत भरोसा और कैश फ्लो में सुधार
स्टीलको गुजरात में प्रमोटरों की हिस्सेदारी फिलहाल 94.64% के बेहद मजबूत स्तर पर है. हाई प्रमोटर होल्डिंग हमेशा आम निवेशकों को सुरक्षा का अहसास कराती है, क्योंकि इससे साफ होता है कि नए मालिकों को कंपनी के भविष्य पर पूरा भरोसा है. इसके साथ ही कंपनी के ऑपरेशंस में भी बड़ा सुधार देखा गया है. कंपनी के डेटर डेज (Debtor Days) जो कभी 1,593 दिन हुआ करते थे, वे अब घटकर महज 134 दिन रह गए हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी को अपने ग्राहकों से फंसा हुआ पैसा बहुत तेजी से मिल रहा है, जिससे कंपनी के पास वर्किंग कैपिटल की कोई कमी नहीं है. नए मैनेजमेंट के इन आक्रामक और सुधारात्मक कदमों के चलते ही स्टीलको गुजरात इस वक्त दलाल स्ट्रीट का चमकता सितारा बन चुका है.
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(नोट- यह सिर्फ एक सामान्य जानकारी है. शेयर में निवेश से पहले फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)
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