- चांदी की कीमतें 30 जनवरी को MCX पर करीब 5% गिरकर लगभग 3,79,942 रुपये प्रति किलो रह गईं.
- 29 जनवरी को चांदी ने पहली बार 4लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन तेजी से गिरावट आई.
- ग्लोबल मार्केट में चांदी करीब 3.5 फीसदी गिरकर 110.41 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई.
Silver Price Crash Today: अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं या आपने इसमें निवेश किया है, तो आपके लिए खुशखबरी है. रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद बीते दो दिनों में चांदी की कीमतों (Silver Price Crash) में ऐसी गिरावट आई है, जिसे देख हर कोई हैरान है. आज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी एक ही दिन में करीब 5 फीसदी तक टूट गई. बीते दिन गुरुवार को जहां चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर छुआ था, वहीं आज सुबह-सुबह कीमतें 20 हजार रुपये तक घट गई हैं.
ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि चांदी इतनी तेजी से क्यों गिरी और क्या आगे भी गिरावट जारी रह सकती है या फिर यहां से फिर तेजी लौटेगी. आइए जानते हैं अचानक ऐसा क्या हुआ कि चांदी की चमक फीकी पड़ गई.
आज चांदी का भाव क्या है?
30 जनवरी 2026 की सुबह MCX पर चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई. सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 3,79,942 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी. इसमें करीब 19,951 रुपये यानी लगभग 4.99 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, पिछले कारोबारी दिन चांदी 3,99,893 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, जबकि आज बाजार खुलते ही सिल्वर प्राइस क्रैश हो गया.
कल से आज तक कितनी गिरी चांदी?
29 जनवरी को MCX पर चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार किया था. उस समय बाजार में जोरदार तेजी थी और चांदी सोने से भी बेहतर प्रदर्शन कर रही थी. लेकिन कुछ ही मिनटों के अंदर हालात बदल गए. मुनाफा वसूली शुरू होते ही कीमतें तेजी से फिसल गईं और एक ही दिन में चांदी करीब 65,000 रुपये तक टूट गई. आज यानी 30 जनवरी को गिरावट और गहरी हो गई.
ग्लोबल बाजार में भी कमजोर हुई चांदी
चांदी की गिरावट सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रही. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दबाव में दिखी. ग्लोबल मार्केट में चांदी करीब 3.5 फीसदी गिरकर 110.41 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई. इससे पहले चांदी ने वहां भी तेज उछाल देखा था, लेकिन अचानक बिकवाली ने पूरे माहौल को पलट दिया.
चांदी की कीमतें क्यों गिरीं? जानिए क्या हैं 3 बड़ी वजहें
1. प्रॉफिट बुकिंग का असर
चांदी की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कई वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह मुनाफा वसूली मानी जा रही है. हाल के हफ्तों में चांदी बहुत तेजी से ऊपर गई थी, जिससे निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर प्रॉफिट निकालना शुरू कर दिया. इसके अलावा बाजार में खरीद का दबाव कम हुआ और असली मांग उस स्तर पर नजर नहीं आई, जहां कीमतें पहुंच गई थीं. जैसे ही बिकवाली बढ़ी, कीमतें तेजी से नीचे आ गईं.
2. सोने की गिरावट का भी असर
सोने की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर से आई तेज गिरावट का असर भी चांदी पर पड़ा. जब सोना कमजोर होता है, तो चांदी जैसे अन्य धातुओं पर भी दबाव बनता है. सोने में आई गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया और उन्होंने चांदी से भी पैसा निकालना शुरू कर दिया.
3. दुनिया भर में मची हलचल का असर
दुनिया भर में हालात अभी साफ नहीं हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से परमाणु समझौते पर बातचीत की बात कही, वहीं ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. इसके साथ ही अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. निवेशक जून में संभावित ब्याज कटौती का इंतजार कर रहे हैं. मई में फेड प्रमुख का कार्यकाल खत्म होने वाला है, जिससे आगे की नीति को लेकर भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है.
क्या आगे और गिरेगी चांदी?
जानकारों का मानना है कि इतनी तेज गिरावट के बाद कुछ समय तक चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. अगर वैश्विक संकेत कमजोर रहते हैं और सोने में दबाव बना रहता है, तो चांदी पर भी असर जारी रह सकता है.
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
अगर आप पहले से चांदी में निवेश किए हुए हैं, तो घबराकर फैसला लेने से बचें. कीमतें बहुत तेजी से गिरी हैं, ऐसे में थोड़ी स्थिरता आने का इंतजार करना बेहतर हो सकता है. नए निवेशक एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करने की रणनीति अपना सकते हैं. बाजार की दिशा साफ होने के बाद ही अगला कदम उठाना समझदारी होगी.
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