भारतीय शेयर बाजार आज गुरुवार को एक बार फिर बढ़त के साथ खुले हैं. सेंसेक्स में 220 अंकों का उछाल देखने को मिला, जबकि निफ्टी में भी 70 अंकों की बढ़त दिखी है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, ऑटो सेल्स के मजबूत आंकड़ों और पहली तिमाही (Q1) के नतीजों को लेकर सकारात्मक माहौल के चलते गुरुवार को ये तेजी दिखी. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 0.38 प्रतिशत या लगभग 300 अंकों की तेजी के साथ 77,218.78 के इंट्राडे हाई (कारोबार के दौरान उच्चतम स्तर) पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी भी 0.35 प्रतिशत या 86 अंक चढ़कर 24,092.05 पर पहुंच गया.
इससे पहले बुधवार सेंसेक्स 443.97 अंकों यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,922.64 के स्तर पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 50 140.10 अंकों यानी 0.59 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद होने में सफल रहा था.
आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टर के हिसाब से देखें तो आईटी (IT) शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई. निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा उछल गया. इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. दूसरी ओर, निफ्टी पीएसयू बैंक (सरकारी बैंक) और निफ्टी मीडिया में गिरावट देखी गई. एनटीपीसी (NTPC), पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, बजाज फाइनेंस, ओएनजीसी (ONGC) और भारती एयरटेल के शेयर करीब 1 फीसदी तक टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल रहे.
बाजार में तेजी की 3 वजहें
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ऑटो सेल्स के साथ और भी कुछ वजहें हैं, जो बाजार को मजबूती दे रहे हैं.
- कच्चे तेल में गिरावट: कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से भारत की व्यापक आर्थिक स्थिति (macroeconomic fundamentals) मजबूत हो रही है. इससे महंगाई नियंत्रण में रहेगी और आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी.
- मजबूत ऑटो बिक्री: जून महीने में गाड़ियों की बिक्री के आंकड़े शानदार रहे हैं, खासकर पैसेंजर व्हीकल्स (यात्री वाहनों) की बिक्री में 24.1 प्रतिशत का उछाल आया है, जो यह दिखाता है कि देश में मांग मजबूत है.
- तिमाही नतीजों की उम्मीद: पहली तिमाही में शानदार मुनाफे की उम्मीद के चलते बैंकिंग शेयरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों में मजबूती रहने की संभावना है.
हालांकि, जानकारों ने सचेत किया है कि बाजार की यह तेजी आगे बरकरार रहेगी या नहीं, यह काफी हद तक मानसून की प्रगति पर निर्भर करेगा, जो कि फिलहाल उम्मीद से कम रहा है.
वैश्विक बाजारों का हाल
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड (Brent crude) 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 70.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. इसी तरह, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.47 प्रतिशत फिसलकर 68 डॉलर के नीचे आ गया.
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा. जापान का निक्केई (Nikkei) 1 फीसदी से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 4 फीसदी से ज्यादा टूट गया. इसके विपरीत, हांगकांग का हैंगसेंग 1 फीसदी उछल गया. इससे पहले अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां एसएंडपी 500 में 0.22 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.66 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी.
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