विज्ञापन

 फेड ने लगातार 5वीं बार नहीं बदले रेट्स, क्या शेयर बाजार में आएगी तेजी? जानें सेंसेक्स-निफ्टी पर क्या होगा असर

अमेरिकी फेड रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. क्या इस फैसले से आज Sensex और Nifty में तूफानी तेजी दिखेगी या क्रूड ऑयल का उछाल बिगाड़ेगा खेल? जानिए भारतीय शेयर बाजार पर इसका पूरा असर...

 फेड ने लगातार 5वीं बार नहीं बदले रेट्स, क्या शेयर बाजार में आएगी तेजी? जानें सेंसेक्स-निफ्टी पर क्या होगा असर
US Fed Interest Rate Unchanged: फेड ने नहीं बदली ब्याज दर, क्या आज पॉजिटिव खुल सकता है Sensex-Nifty?

अमेरिकी केंद्रीय बैंक US फेडरल रिजर्व (Federal Reserve)  ने अपनी जुलाई की बैठक में ब्याज दरों को एक बार फिर नहीं बदला है. फेड ने ब्याज दरों को 3.5% से 3.75% के दायरे में ही रखा है. लगातार पांचवीं बैठक में ब्याज दरें स्थिर रहने का फैसला लिया गया है. ऐसे में अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि गुरुवार, 30 जुलाई  को भारतीय शेयर बाजार इस फैसले पर कैसा रिएक्शन देता है.बाजार को पहले से ही उम्मीद थी कि फेड इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा. ऐसे में माना जा रहा है कि सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत पॉजिटिव हो सकती है, हालांकि कई ऐसे फैक्टर्स हैं जिनपर आज निवेशकों की नजर रहने वाली है.

दिसंबर 2025 के बाद नहीं बदली ब्याज दर

फेड ने पिछली बार दिसंबर 2025 में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी. इसके बाद से अब तक ब्याज दरें इसी लेवल पर बनी हुई हैं. जुलाई की बैठक में भी यही फैसला दोहराया गया.हालांकि ब्याज दरें स्थिर रखने का फैसला बाजार की उम्मीद के मुताबिक था, लेकिन इस बार फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC)की वोटिंग ने सबका ध्यान खींचा.

कुल 12 में से 9 सदस्यों ने ब्याज दरें स्थिर रखने के पक्ष में वोट दिया, जबकि क्लीवलैंड फेड की बेथ हैमक (Beth Hammack), डलास फेड की लोरी लोगन (Lorie Logan) और मिनियापोलिस फेड के नील कश्कारी (Neel Kashkari) ने 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की मांग की. यह अलग राय इस बात का संकेत मानी जा रही है कि महंगाई को लेकर फेड के भीतर चिंता अभी भी बनी हुई है.

क्या भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा असर?

जानकारों का मानना है कि फेड का यह फैसला पहले से ही बाजार की उम्मीद में शामिल था. इसलिए इसका भारतीय शेयर बाजार पर बड़ा असर देखने को नहीं मिल सकता.हालांकि बाजार अब इस बात पर ज्यादा नजर रखेगा कि सितंबर की बैठक में फेड ब्याज दर बढ़ाने का संकेत देता है या नहीं. अगर महंगाई का दबाव बना रहता है तो आगे सख्त रुख अपनाया जा सकता है.

शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी 

बीते दिन यानी बुधवार (29 जुलाई) को भारतीय शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली.एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और इंफोसिस जैसी दिग्गज ब्लू-चिप कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी और विदेशी  निवेशकों (एफआईआई) की ओर से आए ताजा फंड के दम पर बाजार में रौनक लौटी. 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 888.68 अंक यानी 1.16 परसेंट की जोरदार बढ़त के साथ 77,654.60 के लेवल पर बंद हुआ. वहीं दूसरी ओर, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 264.85 अंक यानी 1.10 परसेंट चढ़कर 24,250.20 के लेवल पर बंद हुआ.

मिडिल ईस्ट तनाव और महंगा होता कच्चा तेल बड़ी चिंता

एक्सपर्ट के मुताबिक फिलहाल भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता मिडिल ईस्ट का तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं.ब्रेंट क्रूड गुरुवार सुबह 7% से ज्यादा उछलकर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. अगर कच्चा तेल लगातार महंगा रहता है तो इसका असर महंगाई, रुपये और शेयर बाजार तीनों पर पड़ सकता है.

अमेरिकी बाजार गिरकर बंद

फेड के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार दबाव में नजर आया और प्रमुख इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए. दिग्गज टेक इंडेक्स Nasdaq करीब 1.74% की गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं S&P 500 में 1.40% की कमजोरी दर्ज की गई और Dow Jones में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली. बाजारों में इस बिकवाली के बीच डॉलर इंडेक्स 0.50% से ज्यादा फिसल गया, जबकि 10-Year यूएस ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.66% के स्तर पर पहुंच गया.

केविन वॉर्श ने दिए सख्त संकेत

फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने साफ कहा कि महंगाई को 2% के लक्ष्य तक लाना फेड की प्राथमिकता है.उन्होंने कहा कि अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा बनी रहती है तो फेड जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल फेड की रणनीति हालात पर लगातार नजर रखने की है और आगे का फैसला आने वाले आर्थिक आंकड़ों के आधार पर लिया जाएगा.

महंगाई अभी भी सबसे बड़ी चुनौती

फेड ने अपनी पॉलिसी में दोहराया कि महंगाई अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है. खासतौर पर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और मिडिल ईस्ट युद्ध (Middle East Conflict) की वजह से महंगाई पर दबाव बना हुआ है.इसके बावजूद फेड का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है. रोजगार की स्थिति स्थिर है और AI से जुड़े निवेश लंबे समय में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.

सितंबर की बैठक पर टिकी बाजार की नजर

फेड के फैसले के बाद बाजार ने फिलहाल सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना कुछ कम मानी है. हालांकि केविन वॉर्श ने साफ कर दिया कि आगे का फैसला सिर्फ आने वाले महंगाई और रोजगार के आंकड़ों को देखकर ही लिया जाएगा.यानी अभी राहत जरूर मिली है, लेकिन अगले दो महीने के आर्थिक आंकड़े तय करेंगे कि सितंबर में फेड का अगला कदम क्या होगा.

तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई चिंता

फेड की बैठक के साथ-साथ निवेशकों की नजर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर भी है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने ईरान पर कड़ा जवाब देने की बात कही. इसी बीच सऊदी अरब और यूएस ने इराक में मिलिटेंट ठिकानों पर कार्रवाई की, जबकि इजरायल ने हिज्बुल्लाह  पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया.इस बीच ब्रेट क्रूड ( Brent Crude) करीब 8% चढ़कर 90.74 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. एक्सपर्ट का मानना है कि अगर खाड़ी क्षेत्र में तनाव जारी रहा तो तेल की कीमतें और महंगी हो सकती हैं, जिससे वैश्विक महंगाई पर दबाव बढ़ेगा.

अगर विदेशी निवेश जारी रहता है और वैश्विक संकेत ज्यादा खराब नहीं होते हैं तो सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत मजबूती के साथ हो सकती है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
US Fed Interest Rate, Indian Stock Market, Stock Market Today
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com