आज यानी गुरुवार (30 जुलाई) को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती और दबाव के साथ हुई. US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, 7% उछलकर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचे कच्चे तेल की कीमतों और US Fed द्वारा ब्याज दरें स्थिर रखने के फैसलों के बीच बाजार लाल निशान में खुला. सुबह 9:16 से 9:17 बजे के करीब सेंसेक्स (BSE Sensex) करीब 153.59 अंक टूटकर 77,501.01 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी(NSE Nifty) 18.25 अंक गिरकर 24,231.95 के स्तर पर था.
हालांकि, निचले स्तरों पर आई तेज खरीदारी के दम पर बाजार ने कुछ ही मिनटों में जोरदार रिकवरी दिखाई और लाल निशान से बाहर निकलकर हरे निशान में आ गया. 9:20 बजे तक सेंसेक्स 10.01 अंकों की बढ़त के साथ 77,664.61 पर और निफ्टी 11.30 अंक चढ़कर 24,261.50 के लेवल पर पहुंच गया, जिससे शुरुआती बिकवाली का असर खत्म होता नजर आया.
रियल्टी शेयरों पर सबसे ज्यादा गिरावट
शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव रियल्टी सेक्टर में देखने को मिला. निफ्टी रियल्टी आधा प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी सर्विसेज के इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे.
वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी ऑयल एंड गैस हरे निशान में बने हुए थे.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स के शेयरों में इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, सन फार्मा, एमएंडएम, पावर ग्रिड, एचयूएल, आईटीसी, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी और एचडीएफसी बैंक बढ़त के साथ 'टॉप गेनर्स' में शामिल रहे.
दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, इटरनल, इंडिगो, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एलएंडटी और टाइटन में गिरावट देखी गई और ये 'टॉप लूजर्स' रहे.
यूएस फेड के फैसले का असर या तेल ने बिगाड़ा खेल?
बाजार जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें न बढ़ाने का फैसला बाजार की उम्मीद के मुताबिक ही था.एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है. टोक्यो और जकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में हैं. इससे पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां डाओ जोन्स में 2.19 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.74 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई थी.
हालांकि,अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत का एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचना बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है.
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