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1 सितंबर से बदल जाएंगे सोने-चांदी में पैसा लगाने के नियम, SEBI ने किया बड़ा ऐलान

सेबी ने गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के लिए नया ट्रेडिंग फ्रेमवर्क जारी किया है, जो 1 सितंबर से लागू होगा. इससे निवेशकों को इंटरनेशनल मार्केट के साथ अलाइन करने में मदद होगी.

1 सितंबर से बदल जाएंगे सोने-चांदी में पैसा लगाने के नियम, SEBI ने किया बड़ा ऐलान
सेबी ने गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ को लेकर 1 सितंबर से कई बड़े नियम बदल दिए हैं. इन सभी फैसलों से निवेशकों को बड़ा फायदा होगा.
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सोने-चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेट फंड में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बड़ी खबर है. मार्केट रेगुलेटर सेबी ने कमोडिटी ईटीएफ के ट्रेडिंग नियम में बड़ा बदलाव किया है. आने वाली 1 सिंतबर से गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के लिए प्री ओपन कॉल ऑप्शन और डायनेमिक प्राइस बैंड की फैसिलिटी शुरू होने रही है. इन कदमों के जरिए भारतीय मार्केट में ईटीएफ ग्लोबल मार्केट के साथ अलाइन हो जाएगा. चलिए इस खबर में समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर सेबी ने क्या नियम बदल दिए हैं. 

क्या है डायनेमिक प्राइस बैंड का फंडा?

नए नियमों की बात करें तो अब गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ के लिए शुरुआती प्राइस बैंड ±6% तय किया जाएगा. इसका मतलब सुबह मार्केट खुलने के समय दाम इसी दायरे में ट्रेड करेगा. अगर मान लीजिए ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला तो एक कूलिंग ऑफ पीरियड के बाद इस बैंड को 3-3% करके आगे बढ़ाया जाएगा. साथ ही अब इस बैंड को कितनी बार भी बढ़ाया जा सकता है, इसकी कोई अपर लिमिट नहीं तय की गई है. 

क्यों सेबी को लाने पड़े नए नियम?

अभी की बात करें तो मार्केट में ईटीएफ का बेस प्राइस फिक्स करने के लिए दो दिन पुराने नेट एसेट वैल्यू को देखा जाता है. ऐसे में जब ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में एक साथ बड़ा बदलाव आता है तो अगले दिन सुबह ईटीएफ के दाम असल एसेट वैल्यू से बहुत अलग हो जाते हैं. इसका सीधा असर निवेशकों पर होता है. उन्हें कभी बड़े प्रीमियम तो कभी डिस्काउंट पर ईटीएफ खरीदना पड़ता है. अब नए नियम आ जाने के बाद ये समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी.

कैसे तय होगा बेस प्राइस?

अब ईटीएफ का बेस प्राइस सेट करने के लिए पिछले कारोबारी सेशन के आखिरी 30 मिनट के वॉल्यूम वेटेज एवरेज प्राइस को देखा जाएगा. अगर मान लीजिए आखिरी 30 मिनट में कोई ट्रेड नहीं हुआ तो उस दिन की आखिरी ट्रेडेड प्राइस को बेस मान लिया जाएगा. वहीं, अगर उस पूरे दिन ट्रेडिंग नहीं हुई तो फिर मौजूद लेटेस्ट NAV को ही बेस प्राइस मान लिया जाएगा. 

निवेशकों को इस बड़े बदलाव से क्या फायदा?

अब बात निवेशकों की. सेबी के इस फैसले से निवेशकों को सटीक और लाइव इंटरनेशनल कीमतों के साथ ट्रेड करने का मौका मिलेगा. साथ ही मार्केट में कितनी भी बड़ी गिरावट या तेजी आ जाए, डायनेमिक बैंड्स होने की वजह से ट्रेडिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा. निवेशक ईटीएफ को सही प्राइस पर बेच और खरीद पाएंगे. 

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लेखक के बारे में
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शुभम उपाध्याय
shubham.upadhyay@ndtv.com
साल 2018 से पत्रकारिता जारी है. इंडिया टुडे ग्रुप (बिज तक), न्यूज नेशन, न्यूज 24 और अमर उजाला के बाद सफर एनडीटीवी आ पहुंचा है. यहां बतौर प्रोड्यूसर का... और पढ़ें
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