SBI Employees Strike :अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 25 और 26 मई 2026 को दो दिन की देशव्यापी हड़ताल (Nationwide Strike) का ऐलान किया है. इस हड़ताल से बैंक की ब्रांच सर्विसेज पर असर पड़ सकता है, जिससे करोड़ों ग्राहकों को परेशानी हो सकती है. आइए जानते हैं कि SBI कर्मचारियों की क्या है मांग जिसकी वजह से वे स्ट्राइक पर जाने वाले हैं....
कब है SBI कर्मचारियों की हड़ताल?
SBI कर्मचारियों ने 25 और 26 मई को दो दिन की नेशनवाइड स्ट्राइक का ऐलान किया है.यह हड़ताल ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) के नेतृत्व में की जा रही है.फेडरेशन ने 2 मई 2026 को SBI चेयरमैन को नोटिस देकर यह जानकारी दी.साथ ही फेडरेशन ने यह भी कहा गया है कि अगर इनमें से कोई दिन छुट्टी पड़ता है, तो हड़ताल 27 मई को भी की जा सकती है.
क्यों हो रही है यह हड़ताल?
कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि उनकी कई पुरानी मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं. लंबे समय से लंबित मांगों पर प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है. इस वजह से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है.कर्मचारियों का आरोप है कि उनके अधिकारों को दबाया जा रहा है और पहले से तय समझौतों को लागू नहीं किया जा रहा है. यह हड़ताल 'इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947' के प्रावधानों के तहत बुलाई गई है. फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि इनमें से कोई भी तारीख छुट्टी के दिन पड़ती है, तो विरोध प्रदर्शन 27 मई को भी जारी रहेगा.
यूनियनों का आरोप है कि लंबे समय से इन मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है.कर्मचारी के ये मुख्य मुद्दे हैं...
- स्टाफ की कमी और बढ़ता वर्कलोड
- पेंशन में बराबरी (Pension Parity)
- बेहतर सर्विस कंडीशंस
- प्रमोशन और ट्रांसफर पॉलिसी में सुधार
- कर्मचारियों के लिए बेहतर वेलफेयर और सिक्योरिटी
क्या हैं कर्मचारियों की 16 बड़ी मांगें?
स्टाफ फेडरेशन ने 16 सूत्रीय मांग पत्र (Charter of Demands) सौंपा है. इनमें प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं...
- कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पेंशन फंड मैनेजर बदलने की आजादी नहीं मिल रही, जो गलत है.नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत कर्मचारियों को अपना 'पेंशन फंड मैनेजर' चुनने की आजादी मिले.
- शाखाओं में स्टाफ की भारी कमी है. पिछले 30 सालों से 'मैसेंजर' जैसे पदों पर भर्ती रुकी हुई है.इससे एक पूरा कर्मचारी वर्ग खत्म हो गया जिसे तुरंत शुरू किए जाने की मांग की गई है.
- यूनियन का कहना है कि बैंक में स्थायी नौकरियों की जगह आउटसोर्सिंग बढ़ रही है, जो कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी के लिए खतरा है.इसे बंद किया जाना चाहिए.
- कर्मचारियों का आरोप है कि12th Bipartite Settlement में 17% सैलरी इंक्रीमेंट तय हुई थी.लेकिन SBI अधिकारियों को स्पेशल पे देकर उनका इंक्रीमेंट करीब 22% हो गया.जबकि वर्कमैन स्टाफ अभी भी 17% पर ही हैं.इससे कर्मचारियों में असमानता की भावना बढ़ रही है.

SBI ग्राहकों पर क्या होगा असर?
इस हड़ताल की वजह से SBI की ब्रांच में ब्रांच सर्विसेज पर असर पड़ सकता है. फिजिकल बैंकिंग से जुड़े कामों में देरी या रुकावट आ सकती है. ग्राहकों को कुछ जरूरी सेवाओं में परेशानी हो सकती है.जैसे चेक क्लियरेंस,लोन प्रोसेसिंग,अकाउंट ओपनिंग,पासबुक अपडेट और ब्रांच लेवल पर कस्टमर सपोर्ट, यानी जो काम ब्रांच जाकर करना होता है, उसमें दिक्कत आ सकती है.
क्या डिजिटल सर्विसेज चालू रहेंगी?
राहत की बात यह है कि बैंक की डिजिटल सर्विसेज चालू रहने की उम्मीद है. हड़ताल के दौरान आप SBI YONO ऐप और इंटरनेट बैंकिंग, UPI ट्रांजेक्शन और मोबाइल बैंकिंग, के साथ -साथ ATM सेवाएं का उपयोग कर सकते हैं.हालांकि, अगर बैकएंड ऑपरेशन प्रभावित हुए, तो हल्की देरी हो सकती है.
हड़ताल से पहले क्या-क्या प्लान है?
हड़ताल को सफल बनाने के लिए फेडरेशन ने कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है. इसमें लंच टाइम प्रदर्शन, सोशल मीडिया कैंपेन और धरना प्रदर्शन शामिल हैं. इसके अलावा, 19 मई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 21 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संबंध में ज्ञापन (Memorandum) सौंपा जाएगा.फिलहाल यह हड़ताल सिर्फ 25 और 26 मई के लिए तय है.लेकिन अगर यूनियन और मैनेजमेंट के बीच बातचीत फेल होती है, तो आगे और बड़े आंदोलन हो सकते हैं.
हड़ताल से पहले क्या करें? SBI ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
अगर आपको बैंक जाकर कोई जरूरी काम जैसे भारी कैश लेन-देन या लोन डॉक्यूमेंटेशन निपटाना है, तो उसे 25 मई से पहले पूरा कर लें. हड़ताल के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या या भीड़भाड़ से बचने के लिए डिजिटल सर्विस का ही इस्तेमाल करें. ऐसे में जरूरी है कि आप पहले से अपनी प्लानिंग कर लें.
- जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें
- बड़े कैश ट्रांजैक्शन पहले कर लें
- चेक जमा और लोन से जुड़े काम समय से पहले कर लें
- ब्रांच विजिट को रीशेड्यूल करें
- हड़ताल के दौरान डिजिटल मोड का ज्यादा इस्तेमाल करें
SBI की यह दो दिन की हड़ताल बैंकिंग सर्विसेज पर बड़ा असर डाल सकती है.हालांकि डिजिटल सर्विसेज से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन ब्रांच से जुड़े काम प्रभावित होंगे.इसलिए बेहतर है कि आप पहले से तैयारी कर लें, ताकि हड़ताल के दौरान किसी परेशानी का सामना न करना पड़े.
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