CNG Rate Today: पेट्रोल-डीजल कीमतों के बाद सीएनजी (CNG) का रेट भी पिछले 12 दिनों में चौथी बार बढ़ाया गया है. मंगलवार को 2 रुपये का इजाफा सीएनजी रेट में किया गया. दिल्ली में सीएनजी 83 रुपये किलो हो गई है. नोएडा, गाजियाबाद में सीएनजी 91.70 रुपये प्रति किलो हो गई है. बढ़ते दामों के बीच ड्राइवरों की मुश्किलें कैसे बढ़ी हैं, एनडीटीवी ने ग्राउंड पर उसका जायजा लिया और उनकी दुश्वारियों को समझा. महंगी CNG से चलने वाली गाड़ियों का खर्च बढ़ गया है. बस चालक का कहना है कि कभी ढाई हजार में बस की सीएनजी फुल होती है. अब 3100 में भी टंकी नहीं फुल करा पा रहा हूं. 40 लीटर की CNG वाली बस है, जो अभी 3320 रुपये में भरती है, लेकिन वो 3100 रुपये होने के कारण वो टंकी भी फुल नहीं करा पा रहा है. पहले ये टंकी 2500-2600 रुपये में भर जाती थी.
बसों का किराया बढ़ाना जरूरी
स्कूली बच्चों के लिए किराये पर बस चलाने वाले विपिन ने नोट गिनते हुए कहा, बसों का किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है, क्योंकि हर चीज मंहगी हो रही है. गर्मी में महंगी सीएनजी की खपत बढ़ जाती है. पंप पर प्रेशर नहीं होता है. हालात ये है कि सुबह और शाम को गैस भी भरवा रहे हैं. विपिन की बस केंद्रीय विद्यालय में स्कूली बच्चों को लाने ले जाने की काम करती है. उनके बगल में खड़े एक और बस मालिक अक्षय का कहना है कि अब सुबह उठो तो पता नहीं होता है कि आज सीएनजी किस दाम मिलेगी. सब्जी से लेकर सब कुछ मंहगा हो गया है.
25 साल से नहीं बढ़ाया गया किराया
सीएनजी भराने की कतार में खड़े शौकीन खान कहते हैं कि ऑटो का किराया सरकार बढ़ाएगी. हमारा किराया क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा है. आज से 25 साल पहले ऑटो चलाना शुरू किया था तब 11 रुपये में सीएनजी थी. ये कहा गया था कि इससे प्रदूषण नहीं होता है और इसके दाम सस्ते रखे जाएंगे. लेकिन आप देखिए पेट्रोल के दाम के बराबर पहुंच रहा है. अब ऑटो चलाने में कोई फायदा नहीं है. दिन रात मेहनत भी करते हैं, लेकिन हाथ में आता है 300-400 रुपये बस. महंगाई अब लग रहा कि कोई मुद्ददा भी नहीं रह गई. दरअसल, दिल्ली में करीब 5 लाख से ज्यादा ऑटो हैं, दिल्ली सरकार की ड्राफ्ट पॉलिसी में कहा गया है कि 2027 के बाद से सीएनजी ऑटो का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा. अब भी दिल्ली में 3 लाख से ज्यादा सीएनजी के ऑटो मौजूद है ऐसे में सीएनजी बढ़ने की मार वो सीधे तौर पर झेल रहे हैं.

Bus Driver
दिल्ली-NCR में 85 हजार कैब पर CNG की मार, 15 साल से नहीं बढ़ा किराया
दिल्ली एनसीआर में 85 हजार कैब ऑनलाइन कंपनियों के तहत रजिस्टर्ड हैं. इनकी काफी समय से मांग है कि बीते 15 साल से इनके किराये में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है. सीएनजी पंप पर गैस भरवाने आए रमेश कुमार बीते 15 साल से कैब ड्राइवर हैं. वो पूछते हैं क्या कंपनियों का कमीशन भी कम होगा या सारा बोझ हम ही उठाएंगे. वो बताते हैं कि 45 रुपए जब सीएनजी था तबसे वो टैक्सी चला रेह हैं..लेकिन बीते सात आठ सालों में दाम दुगने हो चुके हैं, लेकिन हमारी आमदनी दोगनी के बजाय कम हो गई. पहले हम ज्यादा पैसा कमाते थे.

Bus Cab Driver
रमेश कुमार का कहना है कि अब कस्टमर चालाक हो गया है, लोकेशन कुछ डालता है, जाता कहीं और है. एसी के चलते गैस की खपत भी ज्यादा है. हमारी आमदनी लगातार घटती जा रही है. वो कहते हैं कि काम करने का क्या फयदा है. ज्यादातर समय अब गैस भरवाने में जा रहा है. पंप से लेकर सड़क तक पर गर्मी और लू के थपेड़े के अलावा मंहगाई की गर्मी इन लोगों को ज्यादा परेशान कर रही है.
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