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Dollar vs Rupee : रुपया 20 पैसे टूटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 96 के करीब पहुंचा

Rupee at All-time Low: इस हफ्ते ही रुपया करीब 1.4% कमजोर हो चुका है और मंगलवार से गुरुवार तक हर कारोबारी सत्र में नए रिकॉर्ड लो बना रहा है.

Dollar vs Rupee : रुपया 20 पैसे टूटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 96 के करीब पहुंचा
Rupee Dollar Rate May 14: शुरुआती कारोबार में रुपया 20 पैसे टूटकर 95.86 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया.

Rupee at All-time Low: भारतीय रुपये में गिरावट लगातार गहराती जा रही है. आज यानी गुरुवार, 14 मई को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और मिडिल ईस्ट संकट के चलते रुपये पर दबाव बढ़ा है. पहली बार रुपया 95.86 प्रति डॉलर तक फिसल गया, जिससे आयात महंगा होने और महंगाई बढ़ने की चिंता भी तेज हो गई है.

डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड लो पर

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में गुरुवार को रुपया कमजोर शुरुआत के साथ खुला. शुरुआती कारोबार में रुपया 20 पैसे टूटकर 95.86 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया. इससे पहले बुधवार को भी रुपया 95.80 के ऑल टाइम लो तक फिसला था और 95.66 के करीब बंद हुआ था.

इस हफ्ते ही रुपया करीब 1.4% कमजोर हो चुका है और मंगलवार से गुरुवार तक हर कारोबारी सत्र में नए रिकॉर्ड लो बना रहा है.

रुपया क्यों कमजोर हो रहा है? जानें वजह

एक्सपर्ट्स के मुताबिक कई बड़े कारण रुपये पर दबाव बना रहे हैं...

  • कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर बनी हुई हैं
  • विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
  • डॉलर इंडेक्स में मजबूती
  • मिडिल ईस्ट और Iran युद्ध को लेकर बढ़ती चिंता
  • भारत का आयात बिल बढ़ना

भारत अपनी करीब 90% तेल जरूरतों और लगभग 50% गैस जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है. ऐसे में अगर ईरान युद्ध लंबा चलता है तो इसका सबसे ज्यादा असर रुपये और महंगाई पर पड़ सकता है.

मिडिल ईस्ट युद्ध का रुपये पर कितना असर?

वेस्ट एशिया संघर्ष (West Asia Crisis) शुरू होने के बाद से अब तक रुपया डॉलर के मुकाबले 6% से ज्यादा कमजोर हो चुका है. यही वजह है कि 2026 में एशिया की सबसे कमजोर करेंसी में रुपया शामिल हो गया है.

शेयर बाजार में तेजी, लेकिन चिंता बरकरार

रुपये में कमजोरी के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स 424 अंक चढ़कर 75,033.42 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 141 अंक बढ़कर 23,554.50 के स्तर पर कारोबार करता दिखा.

हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता बढ़ा रही है. एक्सचेंज डेटा के मुताबिक बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 4,703 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?

रुपये में कमजोरी का असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है. पेट्रोल-डीजल, गैस, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी आयातित चीजें महंगी हो सकती हैं. अगर कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है.
 

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