Petrol, Diesel Prices On July 23: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आज पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है? राहत की बात यह है कि 23 जुलाई के लिए सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने नए रेट जारी कर दिए हैं और आज भी देश के ज्यादातर शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
पेट्रोल और डीजल के दाम हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट होते हैं. अगर आप आज अपनी गाड़ी में तेल भरवाने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जान लें.
23 जुलाई को आपके शहर में पेट्रोल का रेट
- दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.
- कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.51 रुपये प्रति लीटर है.
- मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
- चेन्नई में पेट्रोल का रेट 108.01 रुपये प्रति लीटर है.
- हैदराबाद में पेट्रोल 115.73 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.
- बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 110.89 रुपये प्रति लीटर है.
23 जुलाई को आपके शहर में डीजल का रेट
- दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.
- कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर है.
- मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
- चेन्नई में डीजल का रेट 99.66 रुपये प्रति लीटर है.
- हैदराबाद में डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.
- बेंगलुरु में डीजल की कीमत 98.80 रुपये प्रति लीटर है.
कच्चे तेल में लगातार तेजी, इस महीने 20% से ज्यादा महंगा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल रहा है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया और खबर लिखे जाने तक यह 95.48 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था.
एक दिन पहले यानी बुधवार को भी ब्रेंट क्रूड 3% से ज्यादा चढ़कर 94.07 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था. वहीं, WTI क्रूड भी करीब 3% की तेजी के साथ 86.83 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ. इस महीने अब तक कच्चे तेल की कीमतों में 20% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है.
क्यों बढ़ रही हैं कच्चे तेल की कीमतें?
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट को निशाना बनाने की नई चेतावनी दी है. वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान बातचीत को लेकर गंभीर नहीं है. इन घटनाओं के बाद ग्सेबस ऑयल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे क्रूड महंगा हो रहा है.
क्या क्रूड महंगा होने से पेट्रोल-डीजल भी महंगा होगा?
भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने का असर घरेलू तेल कंपनियों की लागत पर पड़ता है. हालांकि, 25 मई के बाद से अभी तक पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है, जिससे फिलहाल राहत मिली हुई है.
सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद लंबे समय तक पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतें लागत से कम रखने का असर सरकारी तेल कंपनियों के नतीजों पर भी दिखा है.
BPCL को वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में 3,962.13 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी को 3,333.97 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. कंपनी ने बताया कि दबाव वाले मार्केटिंग मार्जिन की वजह से यह नुकसान हुआ, जिसे बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन भी पूरी तरह संतुलित नहीं कर पाए.
वहीं, HPCLभी जून तिमाही में घाटे में रही. दोनों कंपनियों का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान बढ़ती लागत के बावजूद उन्होंने देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रखी.
पेट्रोल-डीजल की कीमतें किन बातों पर तय होती हैं?
भारत में पेट्रोल और डीजल के रेट सिर्फ कच्चे तेल की कीमत से तय नहीं होते. इनके दाम तय करने में कई दूसरे कारकों की भी भूमिका होती है. इनमें केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग कॉस्ट, माल ढुलाई और डिस्ट्रीब्यूशन खर्च, डीलर कमीशन और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी शामिल होती है.
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