Old Pension Scheme News: लंबे समय से OPS यानी पुरानी पेंशन योजना का इंतजार करनेवाले पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए उम्मीद भरी एक बड़ी खबर सामने आई है. उम्मीद जताई जा रही है कि चुनावी साल में पंजाब सरकार राज्य में पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल कर सकती है.
दरअसल, OPS को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने इसे लागू करने की संभावना पर आकलन कराने का फैसला लिया है. इस आकलन या स्टडी के लिए सरकार ने 4 महीने की डेडलाइन तय की है. राज्य के वित्त विभाग ने इस संबंध में ताजा आदेश जारी किया है.
वित्त विभाग ने 13 सितंबर 2026 को जारी आदेश में कहा है कि सरकार कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के सिद्धांतों पर गारंटीड पेंशन देने के उद्देश्य पर कायम है. विस्तृत अध्ययन के लिए 4 महीने का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है. इसके बाद संभावना है कि पंजाब में सरकारी कर्मचारियों को वैकल्पिक पेंशन मॉडल की सिफारिश कर दी जाए. ऑल इंडिया NPS एम्प्लाइज फेडरेशन (AINPSF) के अध्यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल ने इसे OPS बहाली की दिशा में बड़ा कदम बताया है.
पुरानी पेंशन योजना बहाल होगी या कुछ और?
वित्त विभाग के लेटर से अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रस्तावित व्यवस्था का स्वरूप अभी भी ‘डिफाइंड कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम' यानी अंशदायी पेंशन योजना ही रहेगा. वित्त विभाग के आदेश के मुताबिक, सरकार ने प्रस्तावित संशोधित पेंशन योजना को लागू करने से पहले प्रशासनिक व्यवहारिकता और संचालन से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच के लिए 4 महीने का अतिरिक्त समय दिया है. इस दौरान वित्तीय प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा कि OPS बहाल करने से सरकारी खजाने पर कितना असर पड़ सकता है.
इस दौरान केंद्र की यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS), दूसरे राज्यों में लागू व्यवस्थाओं और उनकी बेहतर प्रक्रियाओं का भी अध्ययन किया जाएगा. इसके बाद पंजाब के लिए किसी वैकल्पिक पेंशन मॉडल की सिफारिश की जा सकती है.

AAP ने किया था ऐलान, 2027 में फिर इम्तिहान
यह आदेश 18 नवंबर 2022 को जारी पिछली अधिसूचना के संदर्भ में जारी किया गया है. आम आदमी पार्टी की सरकार ने सत्ता में आने के बाद पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इसे पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया है.
अब चूंकि 2027 में फिर से चुनाव होने हैं तो ताजा आदेश से कर्मचारियों में एक बार फिर उम्मीद जगी है. हालांकि इस पत्र में OPS को तत्काल लागू करने की घोषणा नहीं की गई है. सरकार फिलहाल इसकी वित्तीय और प्रशासनिक व्यवहार्यता की समीक्षा करेगी.
AINPSF ने बताया बड़ा राजनीतिक कदम
ऑल इंडिया NPS एम्प्लाइज फेडरेशन (AINPSF) के अध्यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पंजाब सरकार के आदेश को बड़ा कदम बताया है. NDTV से बातचीत में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 2022 में OPS लागू करने के लिए अधिसूचना जारी की थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया. उनके अनुसार, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले जारी ये आदेश राज्य की पेंशन नीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रहा है.
AINPSF ने उम्मीद की है कि सरकार OPS को लेकर बस गुमराह न करे और कर्मचारियों के हित में एक ठोस फैसला ले. पटेल ने इसे गैर-BJP शासित राज्यों में OPS बहाली की दिशा में बढ़ता दबाव बताया. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अब OPS जैसे गारंटीड पेंशन मॉडल, UPS और दूसरे राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी. उनके मुताबिक, कर्नाटक के बाद पंजाब का यह कदम केंद्र सरकार पर भी पुरानी पेंशन योजना को लेकर निर्णय लेने का दबाव बढ़ा सकता है.

20 दिसंबर को दिल्ली में देशभर से जुटेंगे सदस्य
AINPSF ने कर्मचारियों और पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर 20 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की है. संगठन के पत्र में OPS बहाली, 2009 के RTE कानून से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए अनिवार्य TET समाप्त करने, केंद्र और राज्यों के कर्मचारियों की सेवा शर्तों में समानता और जनवरी 2026 से सेवानिवृत्त पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांगें शामिल हैं. फेडरेशन ने कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनरों और विभिन्न संगठनों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है.
पटेल ने कहा कि पंजाब सरकार का ताजा आदेश केवल समीक्षा की शुरुआत है. वास्तविक फैसला चार महीने की जांच और उसके बाद सरकार की सिफारिश पर निर्भर करेगा. पंजाब के वित्त विभाग के आदेश में भी तत्काल OPS लागू करने के बजाय अध्ययन और वैकल्पिक मॉडल पर विचार की बात कही गई है.
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