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नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से फ्लाइट शुरू होने का इंतजार बढ़ा! क्या विदेशी CEO की वजह से फंसा है पेच?

Jewar Airport Flight Update 2026: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों में और देरी हो सकती है. गृह मंत्रालय ने विदेशी CEO को पद पर रखने का प्रस्ताव ठुकराया. जानें क्या है नियम और क्यों फंसा है जेवर एयरपोर्ट का सुरक्षा क्लीयरेंस.

नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से फ्लाइट शुरू होने का इंतजार बढ़ा! क्या विदेशी CEO की वजह से फंसा है पेच?
Noida Airport Flights Delay: जेवर एयरपोर्ट की कमान स्विस मूल के क्रिस्टोफ श्नेलमान (Christoph Schnellmann) संभाल रहे हैं.
नई दिल्ली:

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से  फ्लाइट के शुरू होने का इंतजार अब थोड़ा और लंबा हो सकता है. अभी पिछले महीने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा के जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था, लेकिन अब एक तकनीकी नियम की वजह से उड़ानों  के शुरू में देरी हो सकती है. खबर है कि गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने एक ऐसे प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जो विदेशी नागरिकों को भारत के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स (Greenfield Airports) का सीईओ (CEO) बनने से रोकता था. इस फैसले का सीधा असर जेवर एयरपोर्ट पर पड़ रहा है, क्योंकि इसके मौजूदा बॉस एक विदेशी नागरिक हैं. अब जब तक मैनेजमेंट में यह बदलाव नहीं होता, तब तक कमर्शियल फ्लाइट्स (Commercial Flights) के शुरू होने में देरी की आशंका बनी हुई है.

दूसरी ओर एयरपोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में कोई औपचारिक लिखित आदेश या निर्देश नहीं मिला है. हालांकि सिविल एविएशन सिक्योरिटी AVSEC ऑर्डर, 2011 के मुताबिक भारत में किसी भी ग्रीनफील्‍ड एयरपोर्ट के CEO का भारतीय नागरिक होना जरूरी है. इस नियम के अनुसार, CEO सिक्‍योरिटी को-ऑर्डिनेट के तौर पर काम करता है और उनके लिए गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी और BCAS की ओर से जांच जरूरी होती है.  

स्विस CEO क्रिस्टोफ श्नेलमान पर फंसा पेंच, क्या कहता है नियम?

जेवर एयरपोर्ट की कमान शुरुआत से ही स्विस मूल के क्रिस्टोफ श्नेलमान (Christoph Schnellmann) संभाल रहे हैं. वो स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी से जुड़े हैं और उन्हें भारत में बेंगलुरू एयरपोर्ट के डेवलपमेंट का भी बड़ा अनुभव है. 

नियम के मुताबिक, भारत में किसी भी नए एयरपोर्ट (Greenfield Airport) का प्रमुख कोई विदेशी नागरिक नहीं हो सकता. ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने इस नियम में ढील देने का सुझाव दिया था, लेकिन गृह मंत्रालय ने इसे मानने से इनकार कर दिया है. अब एयरपोर्ट को जल्द से जल्द किसी भारतीय सीईओ को नियुक्त करना होगा.

उद्घाटन के बाद भी क्यों नहीं शुरू हुई फ्लाइट्स?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को बड़ी धूमधाम से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था. इसे एक बड़ा माइलस्टोन माना गया, लेकिन उद्घाटन के बाद भी कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के लिए कई सिक्योरिटी क्लीयरेंस की जरूरत होती है. किसी भी एयरपोर्ट के लिए सुरक्षा मंजूरी सबसे अहम होती है. नियम भले ही कड़े लगें, लेकिन पैसेंजर्स की सेफ्टी और नेशनल सिक्योरिटी के लिए ये जरूरी हैं.

एयरपोर्ट फिलहाल एयरोड्रम सिक्योरिटी प्रोग्राम (Aerodrome Security Programme) के लिए BCAS के साथ मिलकर काम कर रहा है. जब तक यह सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं मिलती और सीईओ का मामला नहीं सुलझता, तब तक पैसेंजर फ्लाइट्स शुरू नहीं हो पाएंगी.

अब आगे क्या होगा?

नोएडा एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने कहा कि वे सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ तालमेल बिठा रहे हैं ताकि कमर्शियल फ्लाइट्स की टाइमलाइन फाइनल की जा सके. उनकी कोशिश है कि सभी सिस्टम, प्रोसेस और कर्मचारी पूरी तरह तैयार रहें ताकि लॉन्चिंग सुरक्षित और आसान हो. हालांकि, एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि उन्होंने क्रिस्टोफ श्नेलमान की जगह किसी भारतीय उत्तराधिकारी की तलाश शुरू की है या नहीं.

फ्लाइट्स शुरू होने में देरी से बढ़ रही है लोगों की चिंता

जेवर एयरपोर्ट पहले से ही अपने तय समय से काफी पीछे चल रहा है. ऐसे में सीईओ बदलने की यह कानूनी अड़चन प्रोजेक्ट की रफ्तार को और धीमा कर सकती है. दिल्ली-एनसीआर के लोगों को उम्मीद थी कि उद्घाटन के तुरंत बाद उड़ानें शुरू हो जाएंगी, लेकिन अब सुरक्षा और नियमों के इस पेंच ने इंतजार को और बढ़ा दिया है.

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