Milk Prices Crosses Petrol Price: देश में LPG और ATF समेत कई चीजों के दाम बढ़े हैं, लेकिन मुंबई में महंगाई की चौतरफा मार पड़ी है. मुंबई में LPG के अलावा CNG और PNG भी महंगा हुआ है, जिसके चलते ऑटो का किराया बढ़ गया है. सबसे ज्यादा चौंकाया है दूध की कीमतों ने, जिसमें एकाएक 9 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. आज 1 सितंबर से तबेले वाला दूध की कीमतें 93 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 102 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.
ये थोक के भाव हैं, खुदरा बाजार में ये कीमतें 112 रुपये तक भी जा सकती हैं. अब देखिए कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में जितनी कीमत में एक लीटर पेट्रोल आता है, उतने में मुंबई में एक लीटर दूध भी पूरा-पूरा नहीं आएगा.
NCR में पेट्रोल की कीमतें 102 रुपये/लीटर के करीब हैं, इतने में मुंबई के खुदरा बाजार में एक लीटर दूध मिलना मुश्किल होगा. मुंबई में पेट्रोल की कीमतें दिल्ली-नोएडा से ज्यादा हैं, जैसे कि मुंबई में पेट्रोल आज अगर 111 रुपये/लीटर के करीब बिक रहा है तो खुदरा बाजार में 102 रुपये/लीटर वाले दूध की कीमतें 10 रुपये के प्रॉफिट मार्जिन के साथ 112 रुपये प्रति लीटर भी पहुंच सकती है. ऐसे में दूध, पेट्रोल से भी महंगा हो सकता है.
आज से फरवरी तक 102 रुपये/लीटर मिलेगा दूध
बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने दूध के थोक मूल्य में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. इस ऐलान के तहत दूध का रेट 93 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 102 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.नई दरें आज 1 सितंबर, 2026 से प्रभावी है और 28 फरवरी, 2027 तक लागू रहेगी.
102 रुपये/लीटर, दूध के थोक भाव हैं. खुदरा में ये कीमतें ज्यादा हो सकती हैं. कारण कि इसमें ट्रांसपोर्टेशन का खर्च, स्टोरेज की व्यवस्था, दुकान का किराया-मेंटेनेंस वगैरह भी शामिल किया जाएगा.
तुलना करने के लिहाज से नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित दिल्ली-NCR में ब्रैंडेड दूध वर्तमान में थोक स्तर पर लगभग 72 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है, जबकि कुछ स्थानीय विक्रेता दूध को लगभग 80 रुपये प्रति लीटर पर बेचते हैं.
क्यों बढ़ाई गईं दूध की कीमतें?
संस्था ने दूध की कीमतों में हालिया संशोधन के पीछे डेयरी संचालन के रखरखाव की बढ़ती लागत को मुख्य कारण बताया है. पशुओं के चारे और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण डेयरी किसानों को बढ़ते खर्चों का सामना करना पड़ रहा है.
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कुछ पशु आहार की लागत में 25% तक की वृद्धि हुई है, जिससे दूध उत्पादकों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है. दूध उत्पादकों ने बताया कि अनाज, तुअर चुन्नी और चना चुन्नी जैसे आहार की कीमतें हाल के महीनों में काफी बढ़ी हैं.
एसोसिएशन ने कहा कि दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुओं और उनके चारे पर होने वाले अधिक खर्च के कारण उत्पादकों के लिए थोक कीमतों को बिना बढ़ाए दूध उत्पादन को बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है. संघ ने फरवरी 2027 तक के लिए बढ़ी हुई कीमतें बरकरार रखने का फैसला लिया है.
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