त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लेकिन इस बार कई परिवार खर्च करने से पहले अपनी जेब देख रहे हैं. CVoter के ताजा सर्वे में 53.6% भारतीयों ने माना कि बीते एक साल में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हुई है. इसका असर त्योहारों की खरीदारी पर भी दिख रहा है. 35% से ज्यादा लोग पिछले साल के मुकाबले इस बार कम खर्च करने की योजना बना रहे हैं. महंगे सामान खरीदने के बजाय लोग जरूरत की चीजों और लोकल बाजारों पर फोकस कर रहे हैं.
53% परिवारों की बढ़ी परेशानी
28 और 29 सितंबर 2026 को 2,051 लोगों के बीच किए गए CVoter सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 11.6% लोगों ने कहा कि उनके परिवार की आर्थिक हालत में सुधार हुआ है. वहीं, 27.1% लोगों की स्थिति पहले जैसी बनी हुई है.शहरों के मुकाबले गांवों में आर्थिक परेशानी ज्यादा है. ग्रामीण इलाकों के 59.2% लोगों ने परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ने की बात कही, जबकि शहरों में यह आंकड़ा 40.6% रहा. कम आय वाले परिवारों में 63.2% लोगों ने आर्थिक हालत खराब होने की बात कही. ज्यादा आय वाले परिवारों में ऐसा कहने वालों की संख्या 26.3% रही.
आने वाले एक साल को लेकर भी लोगों की चिंता कम नहीं है. 38% लोगों को लगता है कि उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है. वहीं, 24.4% को सुधार की उम्मीद है. 24% ने स्थिति पहले जैसी रहने की बात कही, जबकि 13.6% लोग कुछ कह नहीं पाए.
कपड़ों की खरीदारी पर भी ब्रेक
त्योहारों पर नए कपड़े खरीदना कई परिवारों की परंपरा है, लेकिन इस बार हर कोई खरीदारी नहीं कर रहा. सर्वे में 45.4% लोगों ने कहा कि वे नए कपड़े खरीदने की योजना नहीं बना रहे हैं.दूसरी ओर, करीब 45% लोगों ने परिवार के कम से कम एक सदस्य के लिए कपड़े खरीदने की बात कही. इनमें 16.9% पूरे परिवार, 20.4% बच्चों, 6.2% खुद के और 4.8% परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए कपड़े खरीदना चाहते हैं.
मिठाई की दुकानों पर रहेगी भीड़
खर्च में कटौती के बावजूद पारंपरिक मिठाइयों की मांग बनी हुई है. करीब 33% लोग स्थानीय मिठाई की दुकान से मिठाई खरीदना चाहते हैं. वहीं, 8.7% लोग मिठाई और चॉकलेट दोनों खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं.त्योहारों पर लोकल चॉकलेट खरीदने वालों की संख्या 4.3% है, जबकि 3.1% लोगों ने विदेशी चॉकलेट खरीदने की बात कही.
महंगे सामान खरीदने से बच रहे लोग
सिर्फ 21.5% लोगों ने कहा कि वो किचन अप्लायंस खरीदने की सोच रहे हैं. वहीं, 18.5% लोग इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना चाहते हैं. करीब 22% लोगों ने दोपहिया, कार, सोना-चांदी के ज्वैलरी या इनमें से एक से ज्यादा चीजें खरीदने के बारे में बताया.
घर की मरम्मत और रंगाई-पुताई को लेकर भी तस्वीर मिली-जुली है. करीब 39% लोगों ने बताया कि वे घर की मरम्मत करा चुके हैं या कराने की योजना बना रहे हैं. इनमें 14.6% काम पूरा कर चुके हैं, जबकि 24.5% आगे काम कराने वाले हैं. वहीं, 50.2% लोगों का घर की रंगाई-पुताई या दूसरी मरम्मत कराने का कोई प्लान नहीं है.
EMI से खरीदारी या खर्च से दूरी?
बड़े सामान खरीदने के मामले में 32.2% लोग पूरा पेमेंट करने की सोच रहे हैं. वहीं, 12.8% EMI या किस्तों का सहारा ले सकते हैं. 14.7% लोग पूरा भुगतान और किस्तों, दोनों तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं. दूसरी ओर, 32.1% लोगों ने कहा कि वे कोई बड़ी खरीदारी नहीं करने वाले हैं.
घूमने का प्लान भी बना रहे लोग
आर्थिक हालात पस्त होने के बावजूद लोगों में त्योहारों पर घूमने की इच्छा देखी गई है. सर्वे में 47.5% लोगों ने परिवार के साथ यात्रा करने की योजना के बारे में बात की. इनमें 15.7% लोग आसपास की जगहों पर जाना चाहते हैं और 15.1% धार्मिक यात्रा या तीर्थयात्रा की योजना बना रहे हैं.इसके अलावा, 5.1% लोग दूसरे राज्य में घूमने जाना चाहते हैं, 1.7% अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सोच रहे हैं और 5.3% ने अभी जगह तय नहीं की है. वहीं, 47.5% लोगों ने कहा कि वे परिवार के साथ किसी यात्रा पर नहीं जाएंगे.
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि त्योहारों पर खरीदारी और घूमने की इच्छा तो है, लेकिन बिगड़े घरेलू बजट के कारण लोग बड़े खर्चों को लेकर काफी सतर्कता बरत रहे हैं.
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