Share Market Weekly Outlook: शेयर बाजार में अगले हफ्ते तेजी और मंदी के बीच जबरदस्त घमासान दिख सकता है. पिछले पांच दिनों की लगातार गिरावट ने निवेशकों को बैकफुट पर धकेल दिया है, लेकिन असली पिक्चर तो सोमवार से शुरू होने वाले इस हफ्ते में साफ होगी. दिसंबर तिमाही के नतीजों की शुरुआत, महंगाई से जुड़े बड़े आंकड़े और अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर बनी अनिश्चितता पर निवेशकों की नजर रहेगी. बीता हफ्ता निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था. ऐसे में उम्मीद करते हैं कि बाजार हर निशान के साथ अपने पुराने रंग में नजर आएगा.
आपको बताते हैं उन 4 बड़ी बातों के बारे में, जिनके जरिए कुछ हद तक शेयर मार्केट की दिशा तय हो सकती है.
IT कंपनियों के नतीजे
दिसंबर तिमाही के नतीजों की शुरुआत देश की बड़ी आईटी कंपनियों से होगी, जिनमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा शामिल हैं, जो अपने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी.
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी-भरकम वैश्विक टैरिफ को लेकर वहां की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. अगर इस मामले में कोई साफ फैसला या चौंकाने वाला आता है, तो इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है.
महंगाई के आंकड़े
देश की आर्थिक सेहत बताने वाले खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़े इसी हफ्ते जारी होंगे. अगर महंगाई बढ़कर आई, तो RBI की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें और धुंधली हो जाएंगी, जिससे बैंकिंग और ऑटो शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है.
विदेशी निवेशकों के कदम पर नजर
विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल के बीच क्या FIIs वापस लौटेंगे? यह बाजार की दिशा के लिए सबसे बड़ा सवाल है.
निफ्टी के लिए क्या है?
मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, निफ्टी के लिए इमीडिएट रजिस्टेंस 25,800 पर है. इसके बाद 25,940 और 26,000 के स्तर पर भी दबाव रह सकता है. वहीं, नीचे की ओर 25,600 और 25,450 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है. अगर बाजार 25,300 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है.
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