Share Market Down: नए साल का जश्न अभी ठीक से खत्म भी नहीं हुआ था कि शेयर बाजार में गिरावट के चलते निवेशक परेशान हो गए. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद हुए, जिससे छोटे निवेशकों से लेकर बड़े दिग्गजों तक के पसीने छूट गए हैं. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली. सेंसेक्स 605 अंक लुढ़ककर 83,576 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 194 अंकों की गिरावट के साथ 25,700 से नीचे फिसल गया. सबसे ज्यादा गाज छोटे शेयरों पर गिरी, जहां 1.74% तक की गिरावट दर्ज की गई.
गिरावट की 5 बड़ी वजह
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस तबाही के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि नेगेटिव खबरों का पूरा कॉकटेल है.
- ट्रंप का टैरिफ बम
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से भारतीय सामानों पर 500% तक भारी ड्यूटी लगाने की धमकी ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है.
- FII निकाल रहे पैसा
विदेशी निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं. जनवरी के शुरुआती दिनों में ही 8,000 करोड़ से ज्यादा की निकासी हो चुकी है.
- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का डर
ट्रंप के लिबरेशन डे टैरिफ पर आज अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है, जिससे ग्लोबल मार्केट डरा हुआ है.
- Q3 नतीजों की टेंशन
अगले हफ्ते से टीसीएस और एचसीएल जैसी दिग्गज कंपनियों के नतीजे आने हैं. बाजार को डर है कि आंकड़े उम्मीद से कमजोर रह सकते हैं.
- कच्चा तेल और भू-राजनीतिक तनाव
वेनेजुएला में जारी राजनीतिक संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध के नए मोड़ ने आग में घी का काम किया है.
निवेशकों का क्या हुआ?
बीते 5 दिनों में सेंसेक्स करीब 2,200 अंक टूट चुका है. BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 481 लाख करोड़ से घटकर 468 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है.
बाजार में इस समय पैनिक सेलिंग से बचें. अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो अच्छी क्वालिटी के शेयरों में गिरावट पर खरीदारी के मौके तलाशें, लेकिन बिना रिसर्च के पैसा न लगाएं.
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