विज्ञापन

46 अरब डॉलर का है अमेरिकी कृषि बाजार, जीरो टैरिफ में भारतीय किसानों के लिए खुलेंगे द्वार

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का असर भारतीय किसानों पर पॉजिटिव पड़ेगा. रिपोर्टेस के अनुसार अमेरिका के लगभग 46 अरब डॉलर के कृषि आयात बाजार पर कोई भी ड्यूटी फीस नहीं लगेगी.

46 अरब डॉलर का है अमेरिकी कृषि बाजार, जीरो टैरिफ में भारतीय किसानों के लिए खुलेंगे द्वार

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी होने के बाद से एक तबका जहां इसे बड़ी उपलब्धि बता रहा है, वहीं विपक्षी खेमे के अनुसार इस डील से भारतीय किसानों के हित सीधे तौर पर प्रभावित होंगे. हालांकि डील पर अभी फाइनल मुहर नहीं लगी है. इसलिए उसकी डिटेल बाहर नहीं आई हैं. लेकिन सरकारी सूत्रों से इस डील के बारे में जो जानकारी मिली है, उसमें इस डील को किसानों के लिए फायदे का सौदा कहा जा रहा है.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस डील के जरिए भारत की अमेरिका के लगभग 46 अरब डॉलर के कृषि आयात बाजार पर कोई भी ड्यूटी फीस नहीं लगेगी, इससे भारतीय किसानों और कृषि निर्यातकों के लिए इनकम के नए द्वार खुल सकते हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

भारत और अमेरिका के बीच कृषि व्यापार में अभी भारत का दबदबा है. साल 2024 में, भारत का अमेरिका के साथ कृषि व्यापार में 1.3 अरब डॉलर सरपल्स रहा. इस दौरान भारत का कृषि निर्यात 3.4 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात था 2.1 अरब डॉलर. इसके अलावा भारत इस डील के जरिए 160 अरब डॉलर के एक बड़े आयात बाजार में 18% पारस्परिक शुल्क के साथ पहुंच सकेगा, जो भविष्य में निर्यात की अपार संभावनाओं को खोलता है.

अमेरिका के साथ ट्रेड डील के तीन अहम स्तंभ ऐसे हैं, जो घरेलू प्राथमिकताओं और किसानों के हितों की ओर इशारा करते हैं.

1. बड़े प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट

समुद्री उत्पाद (Shrimp), बासमती चावल, मसाले, चाय और कॉफी जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया गया है. समुद्री क्षेत्र का बाजार अमेरिका में 25 अरब डॉलर का है और इस बाजार तक 18% टैरिफ दर के साथ पहुंचा जा सकेगा, जिससे तटीय क्षेत्रों की आजीविका पर पॉजिटिव असर पड़ेगा.

2. वनों से जुड़े उत्पाद 

बांस, प्राकृतिक मोम और दूसरे वन उत्पादों (NTFPs) पर जीरो टैरिफ रहेगा. इसके जरिए ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में 'वन धन योजना' और 'राष्ट्रीय बांस मिशन' जैसी नीतियों के माध्यम से गैर-कृषि आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

3. भविष्य की फसलें और महिला सशक्तिकरण 

छोटे किसानों और महिलाओं के नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्योगों (SMEs) का भी इस डील में ध्यान रखा गया है. जूस, पल्प, नारियल तेल और काजू जैसे उत्पादों को इस श्रेणी में रखा गया है, जिससे निर्यात से मिलने वाले प्रीमियम का फायदा सीधे छोटे उत्पादकों तक पहुंच सके.

मसाले, तिल, चाय और कुछ विशेष फलों जैसे उत्पादों के लिए शुल्क दरों में बड़ी कटौती की गई है. इससे ना केवल वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी बल्कि बागवानी और वृक्षारोपण से जुड़े किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य भी मिल सकेगा.

यह भी पढ़ें- 500 बिलियन के ट्रेड का भरोसा, 30 ट्रिलियन की इकोनॉमी का लक्ष्‍य... पीयूष गोयल ने बताया विकसित भारत का रोडमैप, 10 प्‍वाइंट्स

लेखक के बारे में
img
हिमांशु शेखर मिश्रा
Senior Editor, Political & Current Affairs
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India-US Trade Deal 2026, India-US Trade Deal Benefits, India-US Trade Deal Impact, India Us Trade Deal Impact On Indian Farmers, India-US Trade Deal News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com