- राहुल गांधी ने लोकसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसान विरोधी बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की है.
- उन्होंने FIR, या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का सामना करते हुए भी किसानों के लिए लड़ाई जारी रखने का आश्वासन दिया.
- कांग्रेस सांसदों के साथ बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के हितों के खिलाफ समझौता किया है.
लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान अपने भाषण में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर मोदी सरकार पर तीखे हमले करने के बाद BJP सांसदों के निशाने पर आए नेता विपक्ष राहुल गांधी की प्रतिक्रिया सामने आई है. एक बार फिर उन्होंने ट्रेड डील को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि चाहे FIR हो, मुक़दमा दर्ज हो या विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएं, मैं किसानों के लिए लड़ूंगा. कांग्रेस लोकसभा सांसदों के साथ बैठक में भी राहुल गांधी ने कहा कि ट्रेड डील के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रहेगी. अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा, "FIR हो, मुकदमा दर्ज हो या प्रिविलेज प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा. जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है. अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे.
इससे पहले नेता विपक्ष पर बिना तथ्यों के सरकार पर अनर्गल आरोप लगाने का आरोप लगा बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव से लेकर उनकी सदस्यता ख़त्म करने का प्रस्ताव लाने की बात कही गई थी.

राहुल गांधी का एक्स पोस्ट.
राहुल बोले- ट्रेड डील पर लड़ाई जारी रहेगी, यह किसानों का जंग
बजट सत्र के पहले चरण के ख़त्म होने से एक दिन पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस के सभी लोकसभा सांसदों के साथ बैठक की. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में भी राहुल गांधी ने अपने सांसदों से कहा कि मोदी सरकार ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में देशहित और खास तौर पर किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. उन्होंने कहा कि ट्रेड डील के मुद्दे पर लड़ाई जारी रहेगी क्योंकि ये किसानों की लड़ाई है.
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में हुए हंगामे के कारण आठ सांसदों के निलंबन को ग़लत ठहराते हुए राहुल गांधी ने इन सांसदों की तारीफ़ की.
नरवणे की किताब का जिक्र कर सरकार को कठघरे में लाए
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक बजट सत्र के पहले चरण में राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दे चर्चा का केंद्र रहे. उन्होंने बजट पर चर्चा के दौरान ट्रेड डील पर पीएम मोदी को आड़े हाथों लिया और इससे पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल ने पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल नरवणे की अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र कर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया.
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
वहीं, इस मुद्दे पर बोलने से रोके जाने के बाद सदन में हंगामा और बाद में लोकसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव ला कर कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा. अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस अपने सहयोगियों को एकजुट करने में भी कामयाब रही. इस आकलन के मद्देनजर कांग्रेस के खेमे में उत्साह है.
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