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6 ट्रिलियन डॉलर! 9 साल में 3 गुना बढ़ सकता है भारत का सर्विस सेक्‍टर, पढ़ें खुश कर देने वाली ये रिपोर्ट  

सर्विस सेक्टर भारत की ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा है. इस सेक्टर ने पिछले 10 साल में 10 प्रतिशत से ज्यादा की CAGR और पिछले 3 साल में 13.5 प्रतिशत की CAGR दर्ज की है, जो अन्य सेक्टरों से ज्यादा है.

6 ट्रिलियन डॉलर! 9 साल में 3 गुना बढ़ सकता है भारत का सर्विस सेक्‍टर, पढ़ें खुश कर देने वाली ये रिपोर्ट  
Indian Economy Growth: तेजी से बढ़ रही है भारतीय इकोनॉमी

देश का सर्विस सेक्टर, जो वर्तमान में देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में करीब 2.2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे रहा है, 2035 तक बढ़कर लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान इस सेक्टर की औसत सालाना वृद्धि दर (CAGR) करीब 10.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है. ओमनीसाइंस कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, इस तेज वृद्धि के कारण GDP में सर्विस सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जबकि वर्तमान में यह GDP का लगभग 55 प्रतिशत है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 2035 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (10 Trillion Dollar Economy) बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें सर्विस सेक्टर की भूमिका सबसे अहम होगी. इससे करीब 6 ट्रिलियन डॉलर का बड़ा आर्थिक अवसर पैदा होगा.

फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज की तेज ग्रोथ 

रिपोर्ट के मुताबिक, सर्विस सेक्टर भारत की ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा है. इस सेक्टर ने पिछले 10 साल में 10 प्रतिशत से ज्यादा की CAGR और पिछले 3 साल में 13.5 प्रतिशत की CAGR दर्ज की है, जो अन्य सेक्टरों से ज्यादा है.

सर्विस सेक्टर के भीतर फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज ने सबसे तेज ग्रोथ दिखाई है, जहां 10 साल की CAGR 11.3 प्रतिशत और 3 साल की ग्रोथ 14 प्रतिशत रही है. इसके अलावा पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस और अन्य सेवाओं में भी लगातार डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है, जो सरकार के बढ़ते खर्च को दर्शाता है.

सर्विस PMI अब मजबूत स्थिति में 

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत का सर्विस पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) अब ज्यादा मजबूत स्थिति में है. यह 2015-2020 के दौरान 50-55 के स्तर से बढ़कर हाल के वर्षों में 55-60 के बीच पहुंच गया है, जो सर्विस गतिविधियों में लगातार मजबूती का संकेत है. वैश्विक स्तर पर भी भारत का सर्विस एक्सपोर्ट में हिस्सा 2005 के 1.9 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 4.3 प्रतिशत हो गया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बैंक देश में कैपेक्स (पूंजी निवेश) को फंड कर रहे हैं, जबकि लॉजिस्टिक्स सेक्टर 2035 तक लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर के अवसर की ओर बढ़ रहा है. आईटी सर्विस सेक्टर में अल्पकालिक दबाव के बावजूद लंबी अवधि में मजबूती बनी हुई है, वहीं प्रोफेशनल और कमर्शियल सर्विसेज को बिजनेस के डिजिटल और संगठित होने से फायदा मिल रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में सर्विस सेक्टर से जुड़ी 470 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं, जिनका मार्केट कैप 800 करोड़ रुपए से ज्यादा है और जिनका संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) करीब 197 ट्रिलियन रुपए है.

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