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भारत अंतरराष्‍ट्रीय चावल सम्‍मेलन में करोड़ों के व्‍यापारिक समझौते होने की उम्‍मीद 

2025 में आयोजित BIRC के उद्घाटन संस्करण को EY के स्वतंत्र मूल्यांकन में पैमाने और भागीदारी के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा समर्पित चावल सम्मेलन स्वीकार किया गया था.

भारत अंतरराष्‍ट्रीय चावल सम्‍मेलन में करोड़ों के व्‍यापारिक समझौते होने की उम्‍मीद 
India International Rice Conference
Source: Canva

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) की ओर से आयोजित होने वाले 'भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल सम्मेलन' (BIRC) 2026 के दूसरे संस्करण को लेकर वैश्विक चावल उद्योग में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. आगामी 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन के लिए कार्यक्रम से लगभग तीन महीने पहले ही 19,193 से अधिक पंजीयन दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें 120 से अधिक देशों के 2,135 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल हैं.

आयोजकों के अनुसार, इस तीन दिवसीय वृहद सम्मेलन में दुनिया भर से 30,000 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है. यह आयोजन वैश्विक चावल क्षेत्र के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक बनने जा रहा है.

2025 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

इससे पूर्व 2025 में आयोजित BIRC के उद्घाटन संस्करण को EY के स्वतंत्र मूल्यांकन में पैमाने और भागीदारी के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा समर्पित चावल सम्मेलन स्वीकार किया गया था. पिछले संस्करण में 90 से अधिक देशों के 1,083 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों सहित कुल 10,854 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. इस दौरान 86.3 लाख मीट्रिक टन चावल के व्यापार को कवर करने वाले लगभग 33,453 करोड़ रुपये के व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे.

2026 में नई पहल और इनोवेशन

पारंपरिक व्यापार प्रदर्शनियों से अलग, BIRC 2026 बिजनेस नेटवर्किंग, मार्केट इंटेलिजेंस, नीतिगत चर्चाओं और ज्ञान-साझाकरण को एक साथ लाता है. इस वर्ष के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं. 

  • ग्लोबल क्रॉप सर्वे: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चावल की फसल का समन्वित सर्वेक्षण.
  • मूल्य पूर्वानुमान: वैश्विक मांग और आपूर्ति के आधार पर भविष्य की कीमतों का सटीक अनुमान.
  • डिजिटल बी2बी नेटवर्किंग: ऐप-आधारित B2B बैठकें, ज्ञान सत्र और चावल उद्योग के नवाचार को प्रदर्शित करने वाले विशेष एक्सपीरिएंस ज़ोन.

वैश्विक चावल व्यापार में भारत की मजबूती

दुनिया के सबसे बड़े चावल उत्पादक और निर्यातक के रूप में भारत की स्थिति को यह सम्मेलन और सुदृढ़ करता है. IREF के उपाध्यक्ष देव गर्ग ने कहा, 'हमारा उद्देश्य एक ऐसा साझा मंच तैयार करना है जहां वैश्विक चावल उद्योग दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध स्थापित कर सके. दूसरे संस्करण के प्रति यह उत्साह दर्शाता है कि उद्योग इस मंच के महत्व को पहचान रहा है.'

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