भारत की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए ट्रेन का निर्माण कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित BEML की फैक्ट्री में किया जा रहा है. रेल मंत्री ने हाल ही में निर्माणाधीन ट्रेन का जायजा लिया है. इस ट्रेन में स्वदेशी इंजीनियरिंग, आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा पर खास ध्यान दिया गया है.
ये ट्रेन भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है. इसमें तेज रफ्तार के साथ सुरक्षा, आराम और ऊर्जा दक्षता पर जोर दिया गया है. रेल मंत्रालय ने रविवार को बताया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैक्ट्री में बुलेट ट्रेन कोच मैन्युफैक्चरिंग का जायजा लिया है.
इंजीनियरों ने रेलमंत्री को बताया कि ट्रेन के आगे के हिस्से और बॉडी को कंप्यूटेशनल फ्लूड डायनेमिक्स (CFD) सिमुलेशन की मदद से डिजाइन किया गया है. इससे हवा का प्रतिरोध, टनल में दबाव की लहरें और वायु प्रवाह से पैदा होने वाला शोर कम करने में मदद मिलेगी.
ट्रेन की छत, HVAC प्रोफाइल और एयरफ्लो डिफ्लेक्टर भी एयरोडायनामिक डिजाइन के अनुरूप बनाए गए हैं. इससे तेज रफ्तार पर ट्रेन के प्रदर्शन और यात्रियों के आराम को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

स्टैंडर्ड और एग्जीक्यूटिव कोच, आरामदायक सीटें
बुलेट ट्रेन की अधिकतम टेस्ट स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटे और परिचालन स्पीड 249 किलोमीटर प्रति घंटे होगी. ट्रेन का फ्लोर प्लेटफॉर्म की ऊंचाई के अनुरूप रखा गया है, ताकि यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में आसानी हो. दरवाजों में रिट्रैक्टेबल फुटस्टेप्स होंगे, जो ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की दूरी कम करने में मदद करेंगे.
- ट्रेन की कुल लंबाई करीब 202 मीटर होगी और इसमें 8 कोच होंगे.
- ट्रेन में 4 मोटर कार और 4 ट्रेलर कार शामिल हैं. इसकी कुल यात्री क्षमता करीब 557 होगी.
- इसमें दिव्यांगजनों और कम एक्टिव विशेष यात्रियों के लिए 2 सीटों की जगह भी शामिल है.
- ट्रेन में 7 स्टैंडर्ड क्लास कोच होंगे, जिनमें 3×2 सीटिंग व्यवस्था होगी. वहीं, एक एग्जीक्यूटिव क्लास कोच में 2×2 सीटिंग होगी.
- इसमें आरामदायक सीटें, पर्याप्त लेगरूम, LED लाइटिंग और हर सीट के पास चौड़ी खिड़कियां होंगी.
- भविष्य में दो 8-कोच वाली ट्रेनों को जोड़कर 16 कोच की ट्रेन भी चलाई जा सकेगी.
चार्जिंग पॉइंट, लगेज स्टैंड, इंटरटेनमेंट का भी ध्यान
ट्रेन के इंटीरियर को भारतीय यात्रियों की शारीरिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में इंटरटेनमेंट और अन्य फैसिलिटीज भी होंगी.
- लैपटॉप और मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर आउटलेट
- बड़े सामान के लिए अलग लगेज स्टैंड और ओवरहेड रैक
- आधुनिक बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट
- कोच के बीच आने-जाने के लिए सीलबंद गैंगवे
- दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल सीटें और शौचालय
- ट्रेन में Wi-Fi आधारित पैसेंजर इन्फोटेनमेंट सिस्टम भी होगा

हिंदी-अंग्रेजी ही नहीं, क्षेत्रीय भाषाओं में मिलेगी जानकारी
ट्रेन में पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम होगा, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान जरूरी जानकारी मिलती रहेगी. कोच के अंदर LCD स्क्रीन पर अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी दिखाई जाएगी.
ऑडियो अनाउंसमेंट सिस्टम के अलावा यात्री केबिन और वेस्टिब्यूल में इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी होंगी. आपात स्थिति में यात्री इनके जरिए ट्रेन के कर्मचारियों से संपर्क कर सकेंगे.
सर्दी में गर्मी, गर्मी में सर्दी का एहसास
ट्रेन में HVAC यानी हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाया जाएगा. हर कोच में दो HVAC यूनिट होंगी, जो अंदर के तापमान और नमी को आरामदायक बनाए रखने में मदद करेंगी.
शोर कम करने के लिए ट्रेन की बॉडी और फ्लोर में साउंड इंसुलेशन, नॉइज-डैम्पिंग कोटिंग और बोगी कवर जैसे उपाय किए गए हैं.
ट्रेन 25 kV, 50 Hz सिंगल-फेज AC ट्रैक्शन सिस्टम पर चलेगी. इसमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम होगा, जो ब्रेक लगाने के दौरान ऊर्जा का कुछ हिस्सा वापस हासिल करने में मदद करेगा.
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