विज्ञापन
This Article is From Jan 25, 2026

FDI में 73% का उछाल, घर आए 47 बिलियन डॉलर! भारत की ग्रोथ के आगे पानी भर रहे चीन और बाकी देश

भारत का यह प्रदर्शन इस मायने में खास है कि जहां चीन जैसे बड़े देशों में विदेशी निवेश घट रहा है, वहीं भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक ठिकाने के रूप में उभर रहा है.

FDI में 73% का उछाल, घर आए 47 बिलियन डॉलर! भारत की ग्रोथ के आगे पानी भर रहे चीन और बाकी देश
India FDI Inflow UNCTAD Report 2025: भारत में विदेशी निवेश खूब बढ़ा है.

यूएनसीटीएडी (UNCTAD) यानी संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारत ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के मोर्चे पर शानदार कामयाबी हासिल की है. जहां वैश्विक स्तर पर विकासशील देशों में एफडीआई प्रवाह में 2% की गिरावट आई है, वहीं भारत में यह 73% की भारी उछाल के साथ 47 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. चीन समेत कई देश भारत की इस ग्रोथ के आगे पानी भरते दिख रहे हैं.

भारत में ये ग्रोथ मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र (आईटी, फाइनेंस और आरएंडडी) और मैन्युफैक्चरिंग में आए बड़े निवेश के कारण हुई है. खास बात यह है कि जहां चीन में निवेश लगातार तीसरे साल गिरा है, वहीं भारत वैश्विक सप्लाई चेन और निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है.

भारत में निवेश बढ़ने की क्‍या हैं मुख्य वजहें

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में निवेश की इस जबरदस्त छलांग के पीछे सेवाओं और विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्रों का बड़ा हाथ है:

  • मजबूत सर्विस सेक्‍टर: फाइनेंस, आईटी (IT) और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आया है.
  • सरकारी नीतियां: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chains) में भारत को एकीकृत करने के उद्देश्य से बनाई गई नीतियों ने विदेशी निवेशकों का भरोसा जीता है.
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्‍टर: देश में विनिर्माण क्षेत्र में भी निवेश में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है.
Latest and Breaking News on NDTV

अमेरिका, चीन, फ्रांस और अन्‍य देशों का हाल

दुनिया भर में एफडीआई का प्रवाह 14% बढ़कर अनुमानित 1.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया है. केवल ग्रोथ के स्‍तर से देखा जाए तो अमेरिका, चीन, फ्रांस, जर्मनी जैसे तमाम देश भारत से पीछे हैं. 

विकसित देशों का हाल: विकसित देशों में एफडीआई 43% बढ़कर 728 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. यूरोपीय संघ में जर्मनी, फ्रांस और इटली जैसे देशों के नेतृत्व में 56% की वृद्धि दर्ज की गई.

विकासशील देशों का हाल: विकसित देशों के विपरीत, विकासशील देशों में एफडीआई प्रवाह में 2% की मामूली गिरावट आई और यह 877 बिलियन डॉलर रहा.

चीन और एशिया: एशिया में चीन, हांगकांग(चीन का विशेष प्रशासनिक क्षेत्र) और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े केंद्रों में निवेश में कमी आई है. विशेष रूप से चीन में लगातार तीसरे वर्ष गिरावट देखी गई और एफडीआई 8% गिरकर 107.5 बिलियन डॉलर रह गया.

अमेरिका और अन्य देश: अमेरिका में निवेश 2% की वृद्धि के साथ स्थिर रहा, जबकि ब्राजील (42% की वृद्धि) और मैक्सिको (16% की वृद्धि) ने भी शानदार प्रदर्शन किया.

भारत का यह प्रदर्शन इस मायने में खास है कि जहां चीन जैसे बड़े देशों में विदेशी निवेश घट रहा है, वहीं भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक ठिकाने के रूप में उभर रहा है.

एडिटोरियल रिसर्च: आमोद प्रकाश सिंह

ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission से पहले ही 20% तक बढ़ा दी सैलरी-पेंशन! RBI, बीमा कंपनियों समेत इन कर्मियों और पेंशनर्स को होगा फायदा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
FDI, Fdi In India, FDI Confidence, Foreign Direct Investment, Foreign Direct Investment In India
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com