मजबूत इकोनॉमिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़े निवेश प्रस्तावों, कारोबारी सुगमता में सुधार के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों और निवेश से जुड़े नए दौर के व्यापार समझौतों के कारण 2026 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में मजबूत वृद्धि दर्ज होने उम्मीद है. भारत को आकर्षक और निवेशकों के अनुकूल गंतव्य बनाए रखने के लिए सरकार FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) नीति की लगातार समीक्षा करती है और हितधारकों से व्यापक परामर्श के बाद समय-समय पर इसमें बदलाव करती रहती है.
लगातार बैठकों का नतीजा
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने इस वर्ष FDI को बढ़ावा देने के तरीकों पर हितधारकों के साथ कई बैठकें की हैं. नवंबर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी प्रक्रियाओं को तेज, सरल और अधिक प्रभावी बनाकर अधिक निवेश आकर्षित करने पर विचार-विमर्श किया.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
निवेशकों के अनुकूल नीतियां और नियामक प्रक्रियाएं, निवेश पर मजबूत प्रतिफल, कुशल कार्यबल, अनुपालन बोझ में कमी, उद्योग से जुड़े छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण और मंजूरी प्रक्रियाओं का सरलीकरण ऐसे प्रमुख उपाय हैं, जिनके कारण वैश्विक चुनौतियों के बावजूद विदेशी निवेशकों का ध्यान भारत पर बना हुआ है.
वित्त वर्ष 2024-25 में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 80.5 बिलियन डॉलर को पार कर गया है. जनवरी-अक्टूबर 2025 के दौरान सकल विदेशी निवेश 60 बिलियन डॉलर से अधिक रहा.
सीनियर अधिकारी ने क्या बताया?
DPIIT के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों के कारण पिछले 11 वर्षों में भारत ने उल्लेखनीय निवेश आकर्षित किया है.
उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, “वित्त वर्ष 2024-25 में यह अब तक के उच्चतम स्तर 80.62 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. हमें उम्मीद है कि इस वर्ष (2026) FDI पिछले वर्ष के 80.62 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है.”
भारत चार देशों के यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते पर भी भरोसा कर रहा है, जिसके तहत इस समूह ने 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है.
यह समझौता एक अक्टूबर 2025 से लागू हुआ और इसके लागू होने के दिन ही स्विट्जरलैंड की स्वास्थ्य सेवा कंपनी रोश फार्मा ने अगले पांच वर्षों में भारत में 1.5 बिलियन स्विस फ्रैंक (लगभग 17,000 करोड़ रुपये) निवेश करने की घोषणा की.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं