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नौकरी छोड़ने के बाद मिला सैलरी का बकाया? मत कर देना ये गलती, इस फॉर्म को जरूर भरें, नहीं तो पछताना पड़ेगा

Salary Arrears Tax Relief: इनकम टैक्स के सेक्शन 89 के अनुसार अगर किया करदाता का पिछला पैसा इस साल में मिला है तो उसे टैक्स में छूट मिलेगी. क्योंकि इसमें टैक्सपेयर्स की कोई गलती नहीं है.

नौकरी छोड़ने के बाद मिला सैलरी का बकाया? मत कर देना ये गलती, इस फॉर्म को जरूर भरें, नहीं तो पछताना पड़ेगा

Salary Arrears Tax Relief: करियर में आगे बढ़ना है तो नौकरी बदलनी ही पड़ेगी. जिंदगी भर एक ही नौकरी के सहारे अपने सपनों को पूरा नहीं किया जा सकता. इसलिए जॉब स्विच करें पर एक बात का ध्यान जरूर रखें, जिससे आपको ज्यादा टैक्स ना भरना पड़े. दरअसल हम पुरानी कंपनी से इस्तीफा देते हैं और फुल एंड फाइनल होने में समय लगता है. यानी सैलरी का एरियर हमें कुछ महीनों या सालों बाद मिलता है. अब एक साथ पैसा आता है तो हम खुश हो जाते हैं, पर टैक्स के मामले में थोड़ी परेशानी हमारे लिए ये एरियर वाली सैलरी बढ़ा सकती है.

दरअसल अचानक से मिली सैलरी हमारी टोटल इनकम में इजाफा कर देती है. इससे हम हायर टैक्स स्लैब में आ सकते हैं. लेकिन हमें ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं होती. बस कुछ नियमों के जरिए इस समस्या का हल आसानी से निकाला जा सकता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी इस बात को जानता है. इसलिए सेक्शन 89 के जरिए आपको राहत दी जाती है. तो चलिए इस खबर में आपको बताते हैं कि 2026-27 की टैक्स कैलकुलेशन में आप कैसे अपनी देनदारी को कम कर सकते हैं. 

सैलरी एरियर से कैसे होती है परेशानी?

मान लीजिए अभी के सैलरी के हिसाब से आप 10 या 20 फीसदी टैक्स स्लैब में आते हैं. लेकिन अगर आपको दो या तीन सालों का रुका हुआ बोनस या एरियर मिलता है तो ये एक्सट्रा पैसा इस साल आपकी इनकम में जुड़ जाएगा, जिससे पूरी उम्मीद है कि आपका टैक्स ब्रैकेट सीधे 30 फीसदी में पहुंच जाए. मतलब ये हुआ कि जिस पैसे पर आपको पिछले साल कम टैक्स देना था, आज उस पर ज्यादा रेट से टैक्स चुकाना पड़ रहा है. यहीं पर फॉर्म 10E आपकी मदद करता है.

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सेक्शन 89 और फॉर्म 10E का जादू

इनकम टैक्स के सेक्शन 89 के अनुसार अगर किया करदाता का पिछला पैसा इस साल में मिला है तो उसे टैक्स में छूट मिलेगी. क्योंकि इसमें टैक्सपेयर्स की कोई गलती नहीं है कि उसे एरियर के रूप में सैलरी का हिस्सा मिला है. अब इस छूट के लिए फॉर्म 10E को भरना जरूरी है. एक बात का ध्यान जरूर रखें कि अगर आप इस फॉर्म को नहीं भरते हैं और आईटीआर में सीधे छूट का क्लेम करते हैं तो आपके घर टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस आ सकता है, साथ ही इस छूट को डिपार्टमेंट खारिज भी कर सकता है.

कब और कैसे भरें फॉर्म 10E

मालूम हो कि इस फॉर्म को आईटीआर से पहले जमा करना जरूरी होता है. ऐसे में हम आपको बताते हैं कि घर बैठे ही कैसे आप इसे खुद भर सकते हैं. आपको बस कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे.

  • सबसे पहले टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं और वहां लॉग इन करें.
  • इसके बाद फाईल इनकम टैक्स फॉर्म्स सेक्शन में जाएं और वहां फॉर्म 10E को सिलेक्ट करें
  • डिटेल्स भरें, बताएं कि एरियर किस साल का है और उस समय आपकी टोटल इनकम कितनी थी
  • सब कुछ कैलकुलेट करने के बाद ई-वेरिफाई करें और सब्मिट कर दें

मैं ये फॉर्म नहीं भर पाया तो क्या होगा?

कई टैक्सपेयर्स के मन में ये सवाल जरूर आएगा कि मान लीजिए तय समय तक हम ये फॉर्म नहीं भर पाए तो क्या होगा? कुछ नहीं. बस टैक्स डिपार्टमेंट आपके इस क्लेम को रिजेक्ट कर देगा और आपको एक नोटिस थमा देगा. फिर उसके बाद कानूनी प्रक्रिया में आप फंस जाएंगे. इसलिए वित्त वर्ष 2026-27 में अगर आपको कोई पुराना एरियर मिला है तो फॉर्म 10E का जरूर ध्यान रखें.

एक बात और अगर आपने अपनी कंपनी से इस्तीफा दे दिया है तो पुरानी कंपनी से एरियर स्टेटमेंट जरूर लें. इसमें साफ लिखा होता है कि किस फाइनेंशियल ईयर के लिए कितना अमाउंट दिया है. इसके जरिए फॉर्म 10E को भरना असान होगा.

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