विज्ञापन

ITR Filing 2026: सिर्फ रिटर्न फाइल करना काफी नहीं, e-verify करना भी जरूरी, वरना अटक जाएगा आपका रिफंड, जान लीजिए आसान तरीके

ITR फाइल करने के बड़े फायदे होते हैं, रिफंड क्‍लेम करना, उन्‍हीं में से एक है. लेकिन जरा सी लापरवाही से आपका पैसा अटक सकता है. यहां कुछ आसान तरीके बताए गए हैं, ताकि आपका रिफंड न अटके.

ITR Filing 2026: सिर्फ रिटर्न फाइल करना काफी नहीं, e-verify करना भी जरूरी, वरना अटक जाएगा आपका रिफंड, जान लीजिए आसान तरीके
ITR Filing में E Verification भी क्‍यों उतना ही महत्‍वपूर्ण है, यहां जान लीजिए

ITR Filing-E Verify: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग का दौर शुरू हो चुका है और लाखों टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न भर रहे हैं. लेकिन अक्सर लोग एक बड़ी गलती कर देते हैं. उन्हें लगता है कि ITR फाइल करने के बाद काम खत्म हो गया, जबकि असली प्रोसेस तब पूरा माना जाता है जब रिटर्न को e-verify भी किया जाए. अगर आपने तय समय के भीतर ITR वेरीफाई नहीं किया, तो आपका रिटर्न इनकम्प्लीट माना जा सकता है और रिफंड भी अटक सकता है. 

हालांकि, अच्छी बात ये है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने e-verification के कई आसान ऑप्शन दिए हैं, जिन्हें घर बैठे कुछ मिनटों में पूरा किया जा सकता है. अगर आपको नहीं पता कि ई-वेरीफिकेशन कैसे किया जाता है तो चलिए जानते हैं कैसे ये काम फटाफट आप कर सकते हैं...

 ITR e-Verification क्यों है जरूरी?

आईटीआर फाइल करने के बाद उसे वेरीफाई करना जरूरी होता है. यह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को कन्फर्म करता है कि रिटर्न आपने ही फाइल किया है. बिना वेरिफिकेशन के आपका रिटर्न प्रोसेस नहीं होगा. ऐसे में रिफंड आने में देरी, नोटिस जैसी दिक्कतें भी आ सकती हैं.

Aadhaar OTP से मिनटों में होगा काम

सबसे आसान और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका आधार OTP है. इसके लिए PAN का Aadhaar से लिंक होना जरूरी है. Income Tax e-filing पोर्टल पर Verify Using Aadhaar OTP ऑप्शन चुनते ही आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर OTP आता है. OTP डालते ही वेरिफिकेशन पूरा हो जाता है. 

Bank Account या Demat Account से वेरिफिकेशन

टैक्सपेयर्स अपने प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट या डीमैट अकाउंट के जरिए भी ITR वेरीफाई कर सकते हैं. इसके लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर OTP भेजा जाता है. OTP भरते करते ही वेरिफिकेशन हो जाता है.

नेट बैंकिंग से भी कर सकते हैं  ITR e-Verify

अगर आप नेट बैंकिंग इस्तेमाल करते हैं तो यह तरीका भी काफी आसान है. अपने बैंक अकाउंट में login करें और Income Tax या e-file सेक्शन में जाकर e-verification का ऑप्शन चुनें. यहां से आप सीधे इनकम टैक्स पोर्टल पर रीडायरेक्ट होकर वेरिफिकेशन कर सकते हैं.

कुछ टैक्सपेयर्स के लिए DSC जरूरी

जिन टैक्सपेयर्स के अकाउंट ऑडिट के दायरे में आते हैं या कंपनियां हैं, उनके लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (Digital Signature Certificate) यानी DSC जरूरी हो सकता है.डिजिटल सिग्नेचर लगाने के बाद रिटर्न वेरीफाई माना जाता है.

ITR-V का भी है ऑप्शन

अगर कोई टैक्सपेयर्स ऑनलाइन वेरिफिकेशन नहीं कर पा रहा, तो वह ITR-V acknowledgement फॉर्म डाउनलोड करके उसे साइन कर सकता है और बेंगलुरू स्थित ऑफिस भेज सकता है. यह प्रक्रिया रिटर्न फाइल करने के 30 दिनों के भीतर पूरी करनी होती है.

इन बातों का रखें खास ध्यान

  • इनकम टैक्स पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ईमेल ID अपडेट रखें
  • OTP-बेस्ड वेरिफिकेशन के लिए PAN-Aadhaar लिंक होना जरूरी है
  • रिफंड तभी प्रोसेस होगा जब ITR वेरीफाई हो जाएगा
  • सिर्फ ऑफिशियल इनकम टैक्स पोर्टल या ऑथराइज्ड बैंकिंग चैनल का ही इस्तेमाल करें

बता दें कि ITR फाइलिंग के बाद का आखिरी और सबसे जरूरी स्टेप ई-वेरीफिकेशन ही है. इसमें सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन अगर यह काम छूट गया तो आपका पूरा रिटर्न अटक सकता है.इसलिए समय रहते ये जरूरी काम निपटा लें वरना आने आपको कई तरह की दिक्कतों क सामना करना पड़ सकता है.

ये भी पढ़ें: Ghaziabad 2.0: राजनगर, सिद्धार्थ विहार, वेब सिटी, वैशाली... गाजियाबाद में कहां कौन-से प्रोजेक्‍ट्स, किधर बढ़ेगी प्रॉपर्टी डिमांड?

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com