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फॉर्म 16 मिलते ही ना करें रिटर्न भरने की जल्दबाजी, इन 3 कागजों को अनदेखा किया तो आएगा घर पर नोटिस!

ITR Filing 2026: ITR फाइलिंग का सीजन शुरू हो चुका है. ऐसे में फॉर्म 16 मिलने के बाद सीधे रिटर्न फाइल करने की गलती ना करें. टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, आईटीआर भरने से पहले AIS, TIS और Form 26AS का मिलाना जरूरी है.

फॉर्म 16 मिलते ही ना करें रिटर्न भरने की जल्दबाजी, इन 3 कागजों को अनदेखा किया तो आएगा घर पर नोटिस!
ITR Filing 2026 से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.

ITR Filing 2026: चलिए जी तैयार हो जाइए. नौकरी करने वाले लोगों के लिए साल का वो समय आ गया है जब कंपनियां उन्हें फॉर्म 16 देना शुरू कर देती हैं. फॉर्म 16 हाथ में आते ही लोग फटाफट अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की होड़ में लग जाते हैं. अगर आप भी ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं, तो जरा रुकिए. टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ फॉर्म 16 के भरोसे आईटीआर भरना आपको मुसीबत में डाल सकता है. क्योंकि अगर आपने रिटर्न सब्मिट से पहले अपने AIS (Annual Information Statement), TIS (Taxpayer Information Summary) और फॉर्म 26AS को चेक नहीं किया, तो टैक्स डिपार्टमेंट का मिसमैच नोटिस आपको मिल सकता है. चलिए इस खबर में में समझते हैं कि आखिर ये तीन डॉक्यूमेंट्स क्यों जरूरी हैं.

बस फॉर्म 16 ही काफी नहीं?

फॉर्म 16 आपकी कंपनी से मिलने वाला एक सर्टिफिकेट है, जिससे पता चलता है कि आपकी सैलरी कितनी है और उस पर कितना टीडीएस (TDS) काटा गया. लेकिन इसमें आपके बैंक खाते में जमा पैसों पर मिलने वाला ब्याज, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से हुई कमाई, या किसी प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री की जानकारी नहीं होती. यहीं पर एंट्री होती है AIS और फॉर्म 26AS की.

क्या हैं AIS, TIS और फॉर्म 26AS?

पहले बात फॉर्म 26AS की करते हैं. इसे टैक्स पासबुक कहा जा सकता है. इसमें इस बात का पूरा ब्योरा होता है कि आपकी कंपनी, बैंक ने आपके पैन (PAN) पर कितना टीडीएस काटा या टीसीएस जमा किया है. वहीं एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट ये इससे भी एक कदम आगे है. इसमें आपकी सालभर की हर छोटा-बड़ा अमाउंट होतीा है, जैसे सेविंग्स अकाउंट का ब्याज, एफडी (FD) की कमाई, शेयर और म्यूचुअल फंड के डिविडेंड और उनकी बिक्री से हुआ मुनाफा. आखिर में टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी आपकी टोटल टैक्सेबल इनकम की जानकारी देता है.

नहीं माने नियम तो क्या होगा?

मान लीजिए आपकी कंपनी ने फॉर्म 16 में आपकी टोटल इनकम दिखाई, लेकिन आपके बैंक खाते से मिले 15,000 रुपये के ब्याज की जानकारी उसमें नहीं है. दूसरी तरफ, बैंक ने ये जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग (AIS) को भेज दी. अब अगर आप अपने आईटीआर में इस 15,000 रुपये के ब्याज को नहीं दिखाते, तो टैक्स विभाग के सिस्टम में एक मिसमैच दिखेगा. नतीजन डिपार्टमेंट इसे टैक्स बचाने का तरीका मानेगा और आपको सेक्शन 143(1) में नोटिस थमा देगा.

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ITR भरने से पहले क्या करें?

फॉर्म 16 मिलते ही सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन करें. वहां से अपना AIS, TIS और फॉर्म 26AS डाउनलोड करें.
चेक करें कि जो टैक्स फॉर्म 16 में कटा हुआ दिख रहा है, क्या वही फॉर्म 26AS और AIS में भी रिफ्लेक्ट हो रहा है या नहीं।
अगर AIS में कोई ऐसी एंट्री दिख रही है जो आपकी नहीं है. जैसे किसी और का ट्रांजैक्शन आपके पैन पर दिख रहा है तो आप पोर्टल पर ही इसके बारे में बता सकते हैं.

इसके अलावा टैक्स एक्सपर्ट्स कहते हैं जून के आखिर तक का इंतजार करना ठीक रहता है, क्योंकि बैंक को टीडीएस रिटर्न फाइल करने में थोड़ा समय लगता है. जब AIS और फॉर्म 26AS पूरी तरह अपडेट हो जाएं, तभी ठंडे दिमाग से अपना आईटीआर फाइल करें, जिससे आपका रिफंड भी ना फंसे और आप नोटिस के झंझट से भी बचे रहें.

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