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देश में होगा वन नेशन, वन टैक्स... GST काउंसिल की मीटिंग के बाद बोलीं वित्त मंत्री सीतारमण

देश में वन नेशन, वन टैक्‍स को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भविष्‍य में ऐसा हो सकता है. फिलहाल देश में 2 तरह के टैक्‍स स्‍लैब हैं- 5 फीसदी और 18 फीसदी. एक कैटगरी 40 फीसदी की भी है, लेकिन चुनिंदा आइटम्‍स पर ही ये लागू होता है.

देश में होगा वन नेशन, वन टैक्स... GST काउंसिल की मीटिंग के बाद बोलीं वित्त मंत्री सीतारमण

जीएसटी काउंसिल मीटिंग के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि देश में वन नेशन वन टैक्स होगा. टैक्‍स स्‍लैब को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा क‍ि अब तक GST दरों और GST प्रक्रियाओं, दोनों ही मामलों में 99% नेक्‍स्‍ट जेनरेशन  GST सुधार लागू किए जा चुके हैं. भविष्य में एक ही GST दर होने के सवाल पर सीतारमण ने कहा कि जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे और भविष्य में स्टेकहोल्डर्स और लोगों से बातचीत करेंगे, ऐसा होगा. 

उन्‍होंने कहा कि देश में 1 जुलाई 2017 को लागू हुई इस कर प्रणाली को अब अगले चरण (GST 2.0) के तहत पूरी तरह से युक्तिसंगत और पारदर्शी बनाया जा रहा है.

कभी देश में हुआ करते थे 17 टैक्स 

जीएसटी लागू होने से पहले देश में कर व्यवस्था बेहद जटिल थी. शुरुआत में केंद्र सरकार के केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर और राज्यों के वैट, चुंगी (Octroi), विलासिता कर जैसे कुल 17 बड़े अप्रत्यक्ष कर और 23 तरह के सेस वसूले जाते थे. इन सभी को समाप्त कर पूरे देश के लिए एक एकल बाजार और एक टैक्स व्यवस्था तैयार की गई.

शुरुआती 4 स्लैब से GST 2.0 का सफर

साल 2017 में जब पहली बार जीएसटी लागू हुआ, तब मुख्य रूप से 4 टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) बनाए गए थे. इसके अलावा आवश्यक वस्तुओं पर 0% (टैक्स फ्री) और सोने पर 3% की विशेष दर थी.

अब व्यापार को आसान बनाने (Ease of Doing Business) के लिए पुराने 12% और 28% के स्लैब को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. वर्तमान में कर व्यवस्था मुख्य रूप से इन चार श्रेणियों में काम कर रही है:

  • 0%: आवश्यक वस्तुएं, अनाज और बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं.
  • 5%: रोजमर्रा की जरूरत का सामान और जीवन रक्षक दवाएं.
  • 18%: इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज और व्यावसायिक सेवाओं के लिए मानक दर.
  • 40%: तंबाकू उत्पाद, एयरेटेड ड्रिंक्स और लग्जरी कारों पर लगने वाला उच्चतम टैक्स.

कारोबारियों को बड़ी राहत

आज की मीटिंब के बाद वित्त मंत्री ने साफ किया कि अब पूरे देश में नोटिस जारी करने के समान मानक होंगे. 10,000 से कम के छोटे कर मामलों में कोई नया नोटिस जारी नहीं होगा और माल की जब्ती की प्रक्रिया को केवल विशिष्ट अधिकारियों तक सीमित कर दिया गया है, जिससे इंस्पेक्टर राज खत्म होगा.

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