सरकारी बैंकों में अधिकारियों के लिए PLI स्कीम यानी परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव योजना पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. बैंककर्मियों ने इस स्कीम के मौजूदा स्ट्रक्चर पर आपत्ति जताई थी और योजना की समीक्षा की मांग की थी. इसके तहत बैंकों में कार्यरत केवल स्केल-4 या उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए ही इंसेंटिव का प्रावधान किया जा रहा था. अब सरकार ने फिलहाल इस पर रोक लगा दी है. सरकार इस मुद्दे को अब द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त चर्चा के दौरान उठा सकती है.
11 सितंबर को घोषित हड़ताल (Bank Strike) के पीछे PLI स्कीम की समीक्षा, बैंक यूनियनों की मांगों में शामिल थी. ऐसे में बैंक यूनियन इसे अपनी सफलता में जोड़ सकता है. हालांकि हफ्ते में 2 दिन छुट्टी समेत और भी बड़ी मांगें जारी है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा फैसला
वित्त मंत्रालय ने सोमवार की शाम बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भारतीय मजदूर संघ (BMS) के नेतृत्व में अलग-अलग PSB के बैंक कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस मुलाकात में बैंकिंग सेक्टर और कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए.
वित्त मंत्रालय ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने अन्य बातों के अलावा, एक्स-ग्रेशिया (अनुग्रह राशि), रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए मेडिकल सुविधाओं और PSB कर्मचारियों पर लागू मौजूदा PLI स्ट्रक्चर में बदलाव की समीक्षा की मांग की. इसमें PLI वाली मांग पर विचार किया जा रहा है.
UFBU यानी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से PLI स्कीम समेत कई मुद्दों को लेकर देशव्यापी बैंक हड़ताल के आह्वान से पहले ये फैसला लिया गया है.
PLI स्कीम पर यूनियनों की क्या है आपत्ति?
बैंक यूनियनों ने स्केल IV और उससे ऊपर के बैंक अधिकारियों के लिए सरकार की PLI स्कीम पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि ये IBA (इंडियन बैंक्स एसोसिएशन) के साथ बनी उस सहमति से अलग है, जिसके तहत परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव को अलग-अलग बैंकों के कुल प्रदर्शन से जोड़ा जाना था. साथ ही स्केल VII तक के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए ये एक समान होना था.
सरकार की योजना के तहत, स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत परफॉर्मेंस के आधार पर 365 दिनों तक की बेसिक पे के बराबर PLI मिल सकता है, जबकि वर्कमैन कर्मचारियों और स्केल III तक के अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों का बेसिक पे और महंगाई भत्ता मिलेगा.
द्विपक्षीय बातचीत में होगी PLI स्ट्रक्चर पर चर्चा
मंत्रालय ने कहा कि उठाई गई चिंताओं पर ध्यान देते हुए, 2025-26 के लिए 19 नवंबर, 2024 की PLI स्कीम को लागू करने का काम फिलहाल रोकने का फैसला किया गया. मंत्रालय ने आगे कहा कि सरकार चल रही द्विपक्षीय समझौते/संयुक्त नोट (joint note) की बातचीत के दौरान इस मामले पर चर्चा करेगी.
सरकार ने बैंक कर्मचारियों, ग्राहकों और बैंकिंग सेक्टर के व्यापक हित में बातचीत, सलाह-मशविरे और आपसी समझ से मुद्दों को सुलझाने के अपने संकल्प को दोहराया है.
बता दें कि BMS से जुड़ी यूनियनों को छोड़कर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने पिछले महीने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला किया है. ये फैसला बैंकों में 5 दिन काम, 2 दिन आराम' वाली व्वस्था लागू करने में देरी, परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम पर मतभेद और पेंशन से जुड़े मुद्दों सहित कई लंबित मांगों को लेकर लिया गया है.
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