केंद्र सरकार ने पेंशन से जुड़ी सामाजिक सहायता योजनाओं को अगले 5 साल तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है. इसके साथ ही नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (NSAP) का नाम बदलकर 'प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना' करने का फैसला लिया गया है. इस बदलाव में दिव्यांग पेंशन के नियमों में भी राहत दी गई है. अब 80% की जगह 40% दिव्यांगता होने पर भी पेंशन मिल सकेगी. सरकार के इस फैसले से देश के 3.20 करोड़ लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
5 साल के लिए ₹53,428 करोड़ मंजूर
ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव पर सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (NSAP) को जारी रखने की मंजूरी दी है. इसके लिए कुल ₹53,428 करोड़ का बजट तय किया गया है. इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले लोगों को आर्थिक मदद दी जाती है. यह केंद्र सरकार की मदद से चलने वाली योजना है, जिसका लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में मिलता है.
अब 40% दिव्यांगता पर भी पेंशन
दिव्यांग पेंशन के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. पहले इस योजना का लाभ लेने के लिए 80% दिव्यांगता जरूरी थी, लेकिन अब 40% दिव्यांगता होने पर भी पात्र लोग पेंशन के हकदार होंगे. इसके अलावा, पेंशन के लिए न्यूनतम उम्र की शर्त भी बदल दी गई है. अब जन्म से ही इस पेंशन के लिए पात्रता हो सकती है.
कितनी मिलेगी दिव्यांग पेंशन?
मोदी सरकार ने दिव्यांग पेंशन की रकम भी बढ़ाई है. नए नियमों के मुताबिक, 0 से 79 साल की उम्र के पात्र लोगों को हर महीने 375 रुपये और 80 साल या उससे ज्यादा उम्र वालों को 625 रुपये की मदद मिलेगी. दिव्यांग पेंशन में बदलाव से जुड़ी गाइडलाइंस अगले तीन महीने के भीतर तैयार करके लागू की जाएगी. इनमें एलिजिबिलिटी, लाभ पाने वालों की संख्या और मिलने वाली आर्थिक मदद की रकम से जुड़े नियम शामिल होंगे.
वृद्धावस्था और विधवा पेंशन में क्या बदला?
सरकार ने साफ किया है कि वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार को आर्थिक मदद देने वाली योजना पहले की तरह जारी रहेंगी. इन योजनाओं में फिलहाल बदलाव नहीं किया गया है. सरकार की मंजूरी का फायदा देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा.
क्या है NSAP योजना?
नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी. ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से चलाई जाने वाली इस योजना का मकसद गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को आर्थिक मदद देना है. इसके तहत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और फैमिली पेंशन स्कीम शामिल हैं. इसके अलावा, पात्र लोगों को फूड सिक्योरिटी देने के लिए अन्नपूर्णा योजना भी इसका हिस्सा है.
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