Gold Price Today: वैश्विक स्तर पर जारी उतार चढ़ाव और मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय वायदा बाजार (MCX) में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी में बुधवार को करीब 0.70% तक की सुस्ती दर्ज की गई है. एक तरफ जहां सर्राफा बाजार में बिकवाली का दबाव है. वहीं, दूसरी तरफ मजबूत वैश्विक संकेतों के दम पर घरेलू शेयर बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा भाव में बुधवार की सुबह से ही लाल निशान में ट्रेडिंग देखी जा रही है. सोने का 5 अगस्त 2026 का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹1,42,257 के मुकाबले ₹1,109 की बड़ी गिरावट के साथ ₹1,41,148 पर खुला. सुबह 9:54 बजे तक यह ₹607 या 0.43% की कमजोरी के साथ ₹1,41,268 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. आज के कारोबार के दौरान सोने ने ₹1,40,740 का निचला स्तर और ₹1,41,788 का उच्चतम स्तर छुआ है. फिर खबर लिखे जाने पर सोना 1055 रुपये की गिरावट के साथ 141202 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा था.
चांदी की कीमतों में भी आई सुस्ती (Silver Price Today)
सोने की तर्ज पर चांदी की चमक भी आज थोड़ी फीकी पड़ी है. औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक बिकवाली की वजह से चांदी के दाम नीचे आए हैं. चांदी का 4 सितंबर 2026 का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹2,23,189 के मुकाबले गिरावट के साथ ₹2,21,926 पर ओपन हुआ. फिलहाल खबर लिखे जाने तक चांदी 1,383.00 की गिरावट के साथ 221,806.00 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल (Global Market)
घरेलू बाजार के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में भी कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखी जा रही है. वैश्विक बाजार में सोना 0.71% की कमजोरी के साथ 4,040 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है. वहीं, चांदी भी 0.45% की गिरावट के साथ 58.84 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है.
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कीमतों में गिरावट की असली वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव की मुख्य वजह मध्य पूर्व (Middle East) का भू राजनीतिक तनाव और मजबूत होता अमेरिकी डॉलर है. दरअसल, युद्ध की वजह से निवेशकों का रुझान डॉलर की तरफ बढ़ा है, जिससे डॉलर इंडेक्स 100 के पार बना हुआ है. जब भी डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बनता है और उनमें गिरावट आती है. ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशक अब सोने से थोड़ा मुनाफावसूली (Profit Booking) कर रहे हैं और अपना पैसा इक्विटी मार्केट की तरफ लगा रहे हैं.
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