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Gold-Silver Prices:  नहीं थम रहीं सोने-चांदी की कीमतें, फिर बन गया रिकॉर्ड, आज इतना महंगा हुआ गोल्ड, सिल्वर

Gold-Silver Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पहली बार 99 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई. वहीं सोना 1.15% चढ़कर $4,970 प्रति औंस के लेवल पर पहुंच गया.

Gold-Silver Prices:  नहीं थम रहीं सोने-चांदी की कीमतें, फिर बन गया रिकॉर्ड, आज इतना महंगा हुआ गोल्ड, सिल्वर
  • भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए
  • मार्च अनुबंध वाली चांदी की कीमत 3,39,927 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई
  • फरवरी अनुबंध वाला सोना 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया
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Gold-Silver Prices: भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए. अमेरिकी डॉलर का गिरने का डर और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को देखते हुए निवेशक सेफ हेवन की तरफ जा रहे हैं. इसलिए मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX), दोनों ही जगहों पर कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया.

MCX पर चांदी की ऊंची छलांग

चांदी ने शुक्रवार को वायदा कारोबार में निवेशकों को हैरान कर दिया. मार्च अनुबंध वाली चांदी की कीमत 12,638 रुपये की भारी बढ़त के साथ 3,39,927 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई. इससे पहले बुधवार को ही चांदी ने 3.35 लाख रुपये का रिकॉर्ड बनाया था, जो अब पीछे छूट चुका है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव और डॉलर की कमजोरी बनी रहेगी, सोने और चांदी की कीमतों में यह तेजी जारी रह सकती है. 

सोने ने भी रचा इतिहास

सोने की चमक भी फीकी नहीं रही और इसमें लगातार पांचवें दिन तेजी जारी रही. फरवरी अनुबंध वाला सोना 2,885 रुपये चढ़कर 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया. गुरुवार को यही सोना 1,56,341 रुपये पर बंद हुआ था.

वैश्विक बाजारों में मची हलचल

अंतरराष्ट्रीय बाजार की भी स्थिति वैसी ही है. कॉमेक्स बाजार में चांदी पहली बार 99 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई. वहीं सोना 1.15% चढ़कर $4,970 प्रति औंस के लेवल पर पहुंच गया.

क्यों आ रही है इतनी तेजी?

एक्सपर्ट के अनुसार, यह तेजी सिर्फ सामान्य उतार-चढ़ाव नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का परिणाम है:

  • फेडरल रिजर्व का इंतजार

अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने डॉलर को कमजोर किया है, जिससे सोने-चांदी की डिमांड बढ़ी है.

  • भू-राजनीतिक तनाव

बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों की वजह से निवेशक शेयर बाजार के बजाय सोने-चांदी को सेफ मान रहे हैं.

ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार, मार्च 2020 के बाद से यह सोने-चांदी के लिए सबसे अच्छा समय है.". आशिका ग्रुप के सीबीओ राहुल गुप्ता ने बताया कि "एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल विश्व में दिख रहे रिस्क और व्यापार के लिए पॉजिटिव माहौन का संगम है."

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