हर महीने आपकी सैलरी से PF का पैसा कटता है, तो जाहिर सी बात है कि आप मान लेते होंगे कि वह पैसा आपके पीएफ अकाउंट में भी जमा हो गया होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सैलरी से पैसा कटना और ईपीएफ खाते में जमा होना, दोनों अलग-अलग बात है. अगर किसी महीने एम्प्लॉयर ने पीएफ अमाउंट जमा करने में देरी की या कॉन्ट्रीब्यूशन नहीं किया, तो आपको इसका पता तुरंत नहीं चलेगा. ऐसे में समय-समय पर अपनी ईपीएफ पासबुक चेक करना जरूरी है. इससे आप खुद देख सकते हैं कि हर महीने कितना पैसा जमा हुआ और किस तारीख को खाते में क्रेडिट हुआ.
सैलरी स्लिप में देखें कितना कटा PF
पीएफ चेक करने के लिए सबसे पहले अपनी सैलरी स्लिप देखें. इसमें हर महीने आपकी सैलरी से काटा गया ईपीएफ कंट्रीब्यूशन दिखाई देता है. अगर आप ईपीएफ के दायरे में आते हैं, तो कर्मचारी का योगदान हर महीने सैलरी से कटता है.सैलरी स्लिप में पीएफ डिडक्शन कटौती दिखने का मतलब यह नहीं है कि पैसा आपके ईपीएफ अकाउंट में जमा भी हो गया है. इसका पता लगाने के लिए आपको अपनी ईपीएफ पासबुक देखनी होगी.
UAN से EPF पासबुक में चेक करें PF जमा हुआ या नहीं
PF खाते में पैसा जमा हुआ है या नहीं, यह जानने का सबसे आसान तरीका EPF पासबुक चेक करना है. इसके लिए अपने UAN यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर की मदद से EPFO मेंबर पासबुक पोर्टल पर लॉगिन करें.लॉगिन करने के बाद आप अपने ईपीएफ खाते में महीने के हिसाब से हुई जमा राशि देख सकते हैं. इसमें कर्मचारी और एम्प्लॉयर यानी कंपनी, दोनों की तरफ से किए गए कंट्रीब्यूशन की डिटेल्स मिलती है. पासबुक में कॉन्ट्रीब्यूशन होने की तारीख भी दिखाई देती है.
अगर हाल के किसी महीने की एंट्री दिखाई नहीं दे रही है, तो तुरंत परेशान होने की जरूरत नहीं है. कई बार EPF खाते में अपडेट दिखने में थोड़ा समय लग सकता है.
सैलरी स्लिप और EPF पासबुक के अमाउंट के करें मैच
सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि पीएफ की एंट्री पासबुक में दिखाई दे रही है या नहीं. सैलरी स्लिप में दर्ज पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन और ईपीएफ पासबुक में दिखाई दे रही कॉन्ट्रीब्यूशन की रकम को भी मिलाएं.अगर दोनों में काफी अंतर है या सैलरी से पीएफ कटना जारी है, लेकिन ईपीएफ पासबुक में जमा होना बंद हो गया है, तो कंपनी से इसकी जानकारी लेनी चाहिए.कई बार ऐसी समस्या एडमिनिस्ट्रेटिव इश्यू या फाइलिंग में देरी की वजह से भी हो सकती है. फिर भी इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
UAN एक्टिव रखें, तभी आसानी से ट्रैक होगा PF
कई कर्मचारी UAN को सिर्फ नौकरी बदलते समय एक्टिव करते हैं. लेकिन UAN को एक्टिव रखना पूरे करियर में काम आता है.UAN की मदद से आप अपनी ईपीएफ पासबुक देख सकते हैं, खाते की जानकारी ट्रैक कर सकते हैं और अपनी पर्सनल डिटेल्स को अपडेट कर सकते हैं. इससे पीएफ से जुड़ी जानकारी के लिए हर बार कंपनी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती. इसलिए UAN को एक्टिव रखना और उसकी मदद से अपने पीएफ खाते पर नजर रखना बेहतर है.
PF जमा नहीं हुआ तो पहले कंपनी से पूछें
अगर ईपीएफ पासबुक में किसी महीने का कॉन्ट्रीब्यूशन लंबे समय तक दिखाई नहीं देता है, तो हल्के में नहीं लें. सबसे पहले अपनी कंपनी के पेरोल या एचआर डिपार्टमेंट से बात करें.कई बार पीएफ से जुड़ी समस्या डिलेयड फाइलिंग या टेक्निकल एरर की वजह से हो सकती है. कंपनी से बात करने के बाद भी अगर समस्या दूर नहीं होती है, तो कर्मचारी ईपीएफओ के ऑनलाइन ग्रीवांस मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए शिकायत दर्ज कर सकता है.शिकायत करते समय जरूरी सपोर्टिंग डिटेल्स और डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ सकती है.
EPF पासबुक चेक करने की आदत डालें
अक्सर लोग PF अकाउंट बैलेंस को तभी चेक करते हैं जब नौकरी बदलनी हो या पीएफ निकालना हो. लेकिन ऐसा करने के बजाय हर कुछ महीने में अपना ईपीएफ अकाउंट चेक करना बेहतर है.इससे आपको मिसिंग कॉन्ट्रीब्यूशन, गलत एंट्री या पर्सनल डिटेल्स में किसी गड़बड़ी का समय रहते पता चल सकता है. आपको समस्या जितनी जल्दी सामने आएगी, उसे ठीक कराना उतना ही आसान रहेगा.
ईपीएफ आपके रिटायरमेंट सेविंग का अहम हिस्सा है. इसमें आपकी तरफ से भी पैसा जाता है और एम्प्लॉयर भी कॉन्ट्रीब्यूशन करता है. इसलिए सिर्फ सैलरी स्लिप में पीएफ कटता हुआ देखना काफी नहीं है. समय-समय पर ईपीएफ पासबुक खोलकर यह जरूर चेक करें कि आपका पैसा सही तरीके से आपके खाते में पहुंच रहा है या नहीं.
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