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2 लाख करोड़ बचे, किसानों को गए 1.66 लाख करोड़! E20 पर बहस के बीच इंडियन ऑयल ने गिनाए और फायदे

पेट्रोलियम मिनिस्‍ट्री ने भी इससे पहले बताया था‍ कि किसी भी गाड़ी का माइलेज सिर्फ फ्यूल पर निर्भर नहीं करता. गाड़ी चलाने का तरीका, ट्रैफिक, गाड़ी की देख-रेख, टायर का प्रेशर और AC का इस्तेमाल, ये सभी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं.

2 लाख करोड़ बचे, किसानों को गए 1.66 लाख करोड़! E20 पर बहस के बीच इंडियन ऑयल ने गिनाए और फायदे
Indian oil ने गिनाए ई20 फ्यूल के फायदे
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

देश में सरकार के इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम पर बहस फिर तेज होती दिख रही है. सोमवार को सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ वी अनंत नागेश्वरन ने अपने एक लेख लिखकर सुझाव दिया कि पुराने वाहनों के लिए E10 पेट्रोल का विकल्प देने पर विचार होना चाहिए, क्‍योंकि देश में लाखों पुराने वाहन ज्यादा एथेनॉल ब्लेंडिंग वाले पेट्रोल के लिए तैयार नहीं हैं. अब इस बड़ी बहस के बीच देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल ने सोमवार को ट्वीट कर कहा - E20 पर स्विच करने से देश को बड़े फायदे हुए हैं.  

एथेनॉल ब्‍लेंडिंग से 4 बड़े फायदे

इंडियन ऑयल इससे जुड़े कई अहम आंकड़े भी जारी किये. इंडियन ऑयल ने कहा -

  • इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम से विदेशी मुद्रा में 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हुई है
  • लगभग 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की जगह इथेनॉल का इस्तेमाल हुआ है
  • CO₂ उत्सर्जन में करीब 952 लाख मीट्रिक टन की कमी आई है 
  • किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी गई है. 

पिछले कुछ दिनों के दौरान पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय और दूसरी बड़ी सरकारी तेल कंपनियों ने भी E-20 फ्यूल के फायदों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक कर उसे उपभोक्ताओं और देश के लिए फायदेमंद बताया है. 

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पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी गिनाए फायदे

एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा, 'E20 की एक मुख्य खासियत इसका ज्यादा ऑक्टेन लेवल है. इथेनॉल ऑक्टेन रेटिंग को बढ़ाता है, जिससे इंजन में 'नॉकिंग' की समस्या नहीं होती और इंजन बेहतर तरीके से काम करता है. टेस्टिंग और वैलिडेशन के बाद, E20 भारत के साफ-सुथरी मोबिलिटी की ओर बढ़ने के सफर का एक हिस्सा है. E20. टेस्ट किया गया. प्रमाणित. ज्यादा ऑक्टेन.'

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के मुताबिक, E20 की टेस्टिंग और वैलिडेशन कई अहम पैमानों पर की गई है, जैसे इंजन की टिकाऊपन, गाड़ी चलाने में आसानी, स्टार्ट होने की क्षमता, मटीरियल कम्पैटिबिलिटी और जंग से बचाव की क्षमता. ये टेस्ट E20 की कम्पैटिबिलिटी और गाड़ी की परफॉर्मेंस पर भरोसा बढ़ाते हैं, जिससे ग्राहकों को सही फैसला लेने में मदद मिलती है क्योंकि भारत साफ-सुथरी मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है. 

साथ ही, किसी भी गाड़ी का माइलेज सिर्फ फ्यूल पर निर्भर नहीं करता. गाड़ी चलाने का तरीका, ट्रैफिक, गाड़ी की देख-रेख, टायर का प्रेशर और AC का इस्तेमाल - ये सभी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं. E20 की बड़े पैमाने पर टेस्टिंग और वैलिडेशन की गई है, जबकि असल जिंदगी में माइलेज गाड़ी चलाने के तरीके और गाड़ी की हालत पर निर्भर करता है. 

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