दिल्ली-नोएडा में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे मिडिल क्लास फैमिली और पहली बार घर खरीदने वाले (फर्स्ट-टाइम होमबायर्स) लोगों के लिए हाल ही में परेशान करने वाली खबर आई है. खबर ये कि NCR में मकान 13 फीसदी तक महंगे हो गए हैं. ऐसे में प्रॉपर्टी खरीदना मुश्किल होता जा रहा है. रियल एस्टेट कंसलटेंट 'एनारॉक' (ANAROCK) की रिपोर्ट ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि दिल्ली-NCR में फ्लैट्स और घरों की कीमतें महंगी हो गई हैं और 13% के भारी उछाल के बावजूद अच्छी लोकेशंस पर मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे कीमतें कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. ऐसे में लोगों के मन में यही सवाल है कि आखिर कहां घर खरीदें.
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि खरीदारों को निराश होने की जरूरत नहीं है. मुख्य दिल्ली, गुरुग्राम या नोएडा के महंगे और स्थापित इलाकों के बजाय अब लोग आसपास के तेजी से उभरते सैटेलाइट शहरों का रुख कर सकते हैं, जहां कीमतें अभी भी कम हैं और रही बात कनेक्टिविटी की, तो वो शानदार है. सोनीपत, मानेसर, बहादुरगढ़, न्यू नोएडा और न्यू गुरुग्राम जैसे इलाके इस समय दिल्ली-NCR के नए रियल एस्टेट हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं.
एनारॉक रिपोर्ट के आंकड़े और बाजार का मिजाज
रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर यशांक वासन बताते हैं, 'एनारॉक की हालिया रिपोर्ट साफ दर्शाती है कि देश के बड़े शहरों में घरों की बिक्री में भले ही करीब 6% की गिरावट आई हो, लेकिन इसके बावजूद प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं. विशेषकर दिल्ली-NCR में तो महज एक साल के भीतर दाम 13% तक बढ़ चुके हैं.'
वासन के अनुसार, ऐसे माहौल में पहली बार घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए सोनीपत और बहादुरगढ़ जैसे शहर एक बेहतरीन और व्यावहारिक विकल्प हैं. इन क्षेत्रों में खरीदारों को अभी भी अपेक्षाकृत कम कीमतों पर शानदार घर और प्लॉट्स मिल रहे हैं. यहाँ का तेजी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कनेक्टिविटी इन शहरों को भविष्य के लिए एक बेहतरीन इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन भी बनाती है.
स्थापित क्षेत्रों से उभरते क्षेत्रों की ओर बदलाव
दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों ने होम बायर्स और निवेशकों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. ऐसे समय में अधिकांश खरीदार अब उन क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां कीमतें अभी भी संतुलित हैं और भविष्य में बेहतर मूल्यवृद्धि (एप्रिसिएशन) की संभावना मौजूद है.
न्यूस्टोन के सीईओ रजत बोकोलिया का कहना है, 'NCR और अन्य बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने पहली बार घर खरीदने वाले लोगों के लिए चुनौतियां जरूर बढ़ाई हैं, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि उनके लिए अच्छे विकल्प खत्म हो गए हैं. आज जरूरत इस बात की है कि होमबायर्स सिर्फ स्थापित और महंगे क्षेत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि तेजी से उभरते नए क्षेत्रों पर भी ध्यान दें. सोनीपत, न्यू गुरुग्राम, मानेसर और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे इलाके बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और अपेक्षाकृत किफायती कीमतों के कारण भविष्य के मजबूत रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बन रहे हैं.'
निवेश के लिए सोनीपत क्यों है विकल्प?
इन विकल्पों में सोनीपत निवेश का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है. सोनीपत की सबसे बड़ी ताकत इसकी दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर और दिल्ली के मुकाबले अपेक्षाकृत किफायती आवास विकल्प हैं.
मैपस्को ग्रुप के डायरेक्टर राहुल सिंगला कहते हैं, 'एक्सप्रेसवे (जैसे केएमपी और एनएच-44), मेट्रो विस्तार की संभावनाएं, औद्योगिक विकास और शैक्षणिक संस्थानों (राजीव गांधी एजुकेशन सिटी) की बढ़ती मौजूदगी इस क्षेत्र को दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बनाती है. पहली बार घर खरीदने वाले लोगों के लिए भी यहां कम बजट में बेहतर स्पेस और आधुनिक सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट उपलब्ध हैं.'
किराया या फिर खुद का घर: लॉन्ग-टर्म प्लानिंग है जरूरी
लगातार बढ़ते दामों के बीच कई खरीदार इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि वे मौजूदा ऊंची कीमतों पर घर खरीदें या फिलहाल किराये के मकान में ही वक्त बिताएं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय के लिए किराये पर रहना आर्थिक रूप से घाटे का सौदा है.
रजत बोकोलिया इस मुद्दे पर आगे जोड़ते हुए कहते हैं, 'कीमतों में 13% तक का बड़ा उछाल यह साफ दर्शाता है कि अच्छी लोकेशंस पर प्रॉपर्टी की मांग अब भी बेहद मजबूत है. ऐसे माहौल में, कुंडली और सोनीपत जैसे उभरते हुए इलाके उन खरीदारों के लिए एक लाइफलाइन साबित हो रहे हैं, जो दिल्ली के करीब रहकर अपने बजट में आशियाना तलाश रहे हैं. जो लोग अगले 5 से 10 साल की लॉन्ग-टर्म प्लानिंग के साथ चल रहे हैं, उनके लिए हर महीने किराये में पैसा लगाने के बजाय अपनी खुद की प्रॉपर्टी में निवेश करना कहीं अधिक फायदेमंद, सुरक्षित और समझदारी भरा फैसला होगा.'
यशांक वासन भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि अगर खरीदार लंबी अवधि की सोच के साथ कदम बढ़ाएं, तो हर महीने किराये में पैसा खर्च करने की बजाय इन उभरते क्षेत्रों में अपने खुद के आशियाने में निवेश करना कहीं ज्यादा समझदारी भरा निर्णय साबित होगा.
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि दिल्ली-NCR का रियल एस्टेट बाजार इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. जहां कोर सिटीज आम आदमी के बजट से बाहर हो रही हैं, वहीं सोनीपत, मानेसर, बहादुरगढ़ और न्यू गुरुग्राम जैसे इलाके कम कीमत में बेहतर लाइफस्टाइल और भविष्य में बंपर रिटर्न की गारंटी दे रहे हैं. यदि खरीदार सही लोकेशन का चयन करते हुए लंबी अवधि का नजरिया अपनाते हैं, तो वे आज भी अपने बजट में बेहतर घर का सपना पूरा कर सकते हैं
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं