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ब्रिटेन के 16 साल के लड़के ने खड़ी कर दी AI कंपनी, घर पर नहीं है कुत्ता, फिर भी बताता है कैसे करें देखभाल

डेनी डेरेनबर्ग को कुत्तों की देखभाल की सलाह देने वाली कंपनी बनाने का ख्याल तब आया जब उनके एक दोस्त को कुत्तों की देखभाल को लेकर कोई टिप नहीं मिल पाई.

ब्रिटेन के 16 साल के लड़के ने खड़ी कर दी AI कंपनी, घर पर नहीं है कुत्ता, फिर भी बताता है कैसे करें देखभाल
नई दिल्ली:

हुरुन इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के युवा उद्यमियों की औसत आयु 33 साल है. इसका मतलब यह हुआ कि इन लोगों ने औसतन इस आयु में या तो अपनी कंपनी शुरू कर दी या परिवार के बिजनेस को संभाल लिया. इस रिपोर्ट में अलग-अलग फिल्ड के 180 उद्यमियों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है. वहीं इसके उलट ब्रिटेन के एक युवा ने 16 साल की आयु में ही अपनी कंपनी शुरू कर दी. हम बात कर रहे हैं 2009 में पैदा हुए डेनी की.उन्होंने 16 साल की आयु में कुत्तों की देखभाल करने वाली एक बेवसाइट (DogAdvisor)की शुरुआत की थी. उनकी बेवसाइट पर कुत्तों के मालिकों को एआई की मदद से उनकी देखभाल से जुड़ी जानकारियां और सलाह दी जाती है.इसे मिली सफलता के बाद डेनी डेरेनबर्ग ने अप्रैल 2026 में अपनी बेवसाइट को एक AI रिसर्च संगठन बना दिया है. 

ब्रिटेन का सफल युवा

डॉगएडवाइजर के मुताबिक डेनी डेरेनबर्ग की इस सफलता ने उन्हें ऊंचा मुकाम दिलाया है. इनवेस्टपिडिया की ओर से बनाई गई 10 सफल लोगों की सूची में डेनी डेरेनबर्ग को पहला स्थान मिला है. वहीं माइक्रोसाफ्ट न्यूज ने कम उम्र में शुरुआत कर बड़ी कंपनियां बनाने वाले 30 लोगों की सूची में डेनी डेरेनबर्ग को पहले स्थान पर रखा है. उन्हें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट और ब्रिटिश संसद में भी बुलाया जा चुका है. डेनी लंदन के किंग्स कॉलेज में पढ़ते हैं.

डॉगएडवाइजर का दावा है कि उनका चैटबॉट मैक्स हर हफ्ते 16 हजार कुत्ता मालिकों की मदद करता है यानि की हर घंटे 95 से अधिक लोगों की मदद की जाती है.लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने लोगों की मदद करने वाली बेवसाइट के संस्थापक के पास खुद अपना कुत्ता नहीं है. वो अभी अपने माता-पिता को कुत्ता पालने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. इसकी जानकारी उन्होंने अक्तूबर 2025 में प्रसारित एक पॉडकास्ट में दी थी. 

डेनी जब 14 साल के थे तो उन्होंने Swift प्रोग्रामिंग भाषा सीखी. इसके बाद उन्होंने एक ऐप बनाया, जिसे ऐपल ऐप स्टोर पर शामिल किया गया.यह ऐप कुत्तों के मालिकों को उनके पालतू जानवरों से जुड़ी रोचक जानकारियां देता था. यह डॉगएडवाइजर की शुरुआत थी. 

क्यों शुरू किया डॉगएडवाइजर

डेनी डेरेनबर्ग को डॉगएडवाइजर शुरू करने का विचार तब आया जब उनके एक दोस्त को गोद लिए गए जर्मन शेफर्ड कुत्ते की देखभाल के बारे में भरोसेमंद और आसान जानकारी नहीं मिल पा रही थी. इसी बात ने उन्हें बेवसाइट बाने के लिए प्रेरित किया. पहले यह एक ब्लॉग था. उस पर छोटे-छोटे लेखों में कुत्तों की देखभाल से जुड़ी सलाहें दी जाती थीं. इस लेखों में जरूरी जानकारियों को बुलेट पॉइंट्स में पेश किया जाता था. इसका मकसद यह था कि लोग उन्हें जल्दी पढ़ सकें और समझ सकें.बाद में इस पर मैक्स (Max) नाम का एक AI चैटबॉट जोड़ा गया.इस चैटबॉट को डॉगएडवाइजर के 100 से अधिक विशेषज्ञों की ओर से लिखे गए लेखों के अपने विशेष डेटाबेस के आधार पर प्रशिक्षित किया गया है. यह बेवसाइट कुत्तों की नस्ल चुनने, उनकी रोजमर्रा की देखभाल और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की जानकारी देता है. 

डेनी के सफलता की कहानी दुनिया भर में सुनाई जा रही है. नवंबर 2025 में उन्होंने प्रतिष्ठित इंपिरियल कॉलेज लंदन में भाषण दिया. उनका दावा है कि वह विश्वविद्यालय के इतिहास में AI और मशीन लर्निंग सुरक्षा पर बोलने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं. उन्हें कई बड़ी टेक कंपनियों ने भी अपने यहां आमंत्रित किया. इस साल जनवरी में गूगल ने उन्हें AI इनोवेशन पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया. वहीं जुलाई में एंथ्रोपिक ने उन्हें पेरिस में आयोजित फाउंडर हाउस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया था. 

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