दिवाली से पहले DA पर गुड न्यूज आई है. ये खबर है, कोल इंडिया के श्रमिकों के लिए, जो डेली वेजेज यानी दैनिक मजदूरी पर काम करते हैं. कोल इंडिया ने खदानों से जुड़े करीब एक लाख ठेका श्रमिकों के लिए VDA यानी वेरिएबल महंगाई भत्ते की नई दरें जारी कर दी हैं. इससे श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी हुई है. अब अलग-अलग श्रेणियों के श्रमिकों को मूल मजदूरी और महंगाई भत्ता मिलाकर प्रतिदिन 1,341 रुपये से 1,443 रुपये तक मिलेंगे. हर दिन उन्हें 165 से 177 रुपये तक ज्यादा मिलेंगे.
कोल इंडिया मुख्यालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक, नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुकी हैं और 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी. ये बदलाव कोल इंडिया की सभी कंपनियों में खनन कार्यों में लगे ठेका श्रमिकों पर लागू होंगे.
किस कैटगरी के श्रमिक को कितनी मजदूरी मिलेगी?
नई दरों के तहत श्रमिकों की दैनिक मजदूरी उनकी श्रेणी के हिसाब से तय की गई है. इसमें मूल मजदूरी और परिवर्तनशील महंगाई भत्ता दोनों शामिल हैं. इस फैसले के बाद उच्च कुशल श्रेणी के ठेका श्रमिकों को सबसे ज्यादा 1,443 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे. वहीं, अकुशल श्रमिकों की कुल दैनिक मजदूरी 1,341 रुपये होगी.

महंगाई भत्ते की नई दरें लागू
कोल इंडिया ने महंगाई भत्ते की नई दरें केंद्र सरकार के मुख्य श्रम आयुक्त के उस आदेश के आधार पर तय की हैं, जिसमें VDA बढ़ाया गया था. कार्यालय आदेश के मुताबिक, औद्योगिक श्रमिकों का औसत मूल्य सूचकांक 30 जून 2026 को 424.80 था, जो बढ़कर 431.42 हो गया. इसी बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए ठेका श्रमिकों के महंगाई भत्ते की नई दरें तय की गई हैं. ये संशोधन कोल इंडिया और ठेकेदारों के बीच गठित संयुक्त समिति की 9 अगस्त 2023 की सिफारिश के तहत किया गया है.
VDA क्या होता है, ये भी समझ लीजिए
परिवर्तनशील महंगाई भत्ता यानी VDA मजदूरी का वो हिस्सा है, जिसे महंगाई और संबंधित मूल्य सूचकांक में बदलाव के आधार पर संशोधित किया जाता है. इसका उद्देश्य श्रमिकों की कमाई पर बढ़ती कीमतों के असर को कुछ हद तक कम करना है
किन श्रमिकों को मिलेगा फायदा?
इस फैसले का लाभ कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों में खनन कार्यों में लगे ठेका श्रमिकों को मिलेगा। कंपनी के मुताबिक, करीब एक लाख श्रमिक इस दायरे में आते हैं. इसमें धनबाद स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) में काम करने वाले करीब 6,000 ठेका श्रमिक भी शामिल हैं. झरिया, धनबाद, सिंदरी, कतरास और अन्य कोयला क्षेत्रों में बोरिंग, ढुलाई, ओवरबर्डन हटाने, सपोर्ट वर्क और सफाई जैसे कामों में लगे श्रमिकों को संशोधित दरों के अनुसार भुगतान किया जाएगा.
अब ठेकेदारों को बढ़ाकर देनी होगी मजदूरी
कोल इंडिया के कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्रमिकों की श्रेणी और संबंधित प्रावधानों के अनुसार नई दरों का निर्धारण किया जाएगा. ठेकेदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां काम करने वाले पात्र श्रमिकों को संशोधित दरों के हिसाब से मजदूरी मिले. नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हैं, इसलिए भुगतान की गणना करते समय इसी तारीख से लागू संशोधित दरों को ध्यान में रखना होगा.
दिवाली से पहले श्रमिकों को राहत
महंगाई के बीच दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी से कोल इंडिया के ठेका श्रमिकों की कमाई बढ़ेगी. हालांकि, वास्तविक मासिक कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि श्रमिक ने महीने में कितने दिन काम किया है और उस पर कौन-सी श्रेणी लागू होती है. करीब एक लाख ठेका श्रमिकों के लिए VDA की नई दरें लागू होने से उनकी मजदूरी बढ़ गई है.
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