CREDAI NATCON 2026: देश के फॉरेक्स रिजर्व को बचाने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा देश में बने प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें, नेशन फर्स्ट अभियान को हमेशा ध्यान में रखें. ठीक इसके बाद क्रेडाई ने एक बड़ा फैसला लिया है. पहले उनका बड़ा कार्यक्रम NATCON 2026 एम्स्टर्डम में होने वाला था, लेकिन अब इसे भारत में ही कराने का फैसला किया गया. इससे देश का पैसा बाहर नहीं जाएगा और भारत के टूरिज्म और होटल कारोबार को फायदा मिलेगा.
प्रधानमंत्री की अपील और क्रेडाई का कदम
पीएम मोदी ने लोगों से कहा है कि अभी दुनिया में हालात ठीक नहीं हैं, खासकर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है, उसे देखते हुए हमें थोड़ा सावधान रहना चाहिए. उन्होंने अपील की है कि लोग बेवजह विदेशी यात्राएं कम करें, जिससे तेल की खपत घटे और देश का विदेशी मुद्रा बाहर कम जाए. साथ ही उन्होंने वोकल फॉर लोकल पर जोर देते हुए कहा कि लोग ज्यादा खर्च देश के अंदर करें, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके. क्रेडाई ने इस अपील के बाद अपना फैसला बदला. अपनी कई महीनों की तैयारियों को एक तरफ रख दिया. संगठन के अनुसार जब देश आत्मनिर्भर बनने की तरफ बढ़ रहा है, तो सबसे बड़े उद्योगों में शामिल होने के नाते उनकी पहली जिम्मेदारी देश के प्रति है.
क्रेडाई के इस फैसले से भारत को क्या फायदा?
NATCON सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं है, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर का एक बड़ा इवेंट है, जिसमें देश भर से 1000 से ज्यादा बिल्डर्स, निवेशक, आर्किटेक्ट और बड़े अधिकारी शामिल होते हैं. अगर इसका आयोजन भारत में होता है, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को कई फायदे मिलेंगे. इससे भारतीय शहरों की पहचान बढ़ेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. होटल, खाने-पीने, ट्रांसपोर्ट और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कारोबारों में अच्छी कमाई होगी. साथ ही, इस आयोजन से हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा. साथ ही भारत अपने स्मार्ट सिटीज को दुनिया के सामने दिखा सकेगा.
आत्मनिर्भर बनने की राह
शेखर पटेल ने बताया कि अभी कंस्ट्रक्शन सेक्टर में कई मुश्किलें हैं. सीमेंट और स्टील जैसी चीजें महंगी हो गई हैं और मजदूरों की भी कमी है, जिससे प्रोजेक्ट की लागत बढ़ रही है. ऐसे समय में पैसा विदेश भेजने के बजाय भारत के अंदर ही निवेश करना बेहतर है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके और हम आत्मनिर्भर बन सकें.
क्रेडाई एक बड़ा संगठन है, जो 20 राज्यों और 230 शहरों में 13,000 से ज्यादा डेवलपर्स को रिप्रेजेंट करता है. इसलिए ये कार्यक्रम जिस भी शहर में होगा, वहां बड़े आर्थिक और कारोबारी मौके पैदा होंगे.
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