Odisha Kidnapping Murder Case: ओडिशा के गंजाम जिले में एक चौंकाने वाला किडनैप‑कम‑मर्डर मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. 47 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी सुधीर कुमार पात्रा के अपहरण और हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए बेरहामपुर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. इस जघन्य अपराध की साजिश किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उनके अपने परिवार की सदस्य, भतीजी निबेदिता पात्रा ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर रची थी. पुलिस ने अब तक इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
किडनैप की शिकायत से खुला मामला
पूरा मामला 16 अप्रैल 2026 को सामने आया, जब सुधीर पात्रा की पत्नी रश्मिता कुमारी पात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल की शाम उनके पति को बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया है. किडनैपर्स ने फोन कर 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी. शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई.
पुलिस की तेज कार्रवाई और गिरफ्तारी
बेरहामपुर पुलिस ने तुरंत कई टीमें बनाईं. मोबाइल ट्रैकिंग, तकनीकी सर्विलांस, फील्ड इंटेलिजेंस और लगातार छापेमारी के जरिए पुलिस एक‑एक कड़ी जोड़ती गई. आखिरकार 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया.
केतामनी पहाड़ी के पास मिला शव
जांच के दौरान सोरड़ा थाना क्षेत्र के केतामनी हिल्स के पास से सुधीर कुमार पात्रा का सड़ा‑गला शव बरामद किया गया. पुलिस ने मौके पर ही पोस्टमार्टम कराया. फिलहाल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत से जुड़े और तथ्य सामने आ सकें.
पारिवारिक रंजिश और प्रॉपर्टी विवाद बना वजह
गंजाम के एसपी सुवेंदु कुमार पात्रा (IPS) ने बताया कि इस हत्या के पीछे पारिवारिक दुश्मनी और रियल एस्टेट बिजनेस से जुड़ा विवाद मुख्य कारण था. साल 2025 में सुधीर के बड़े भाई मनोज कुमार पात्रा की मौत के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया था. मनोज के परिवार को शक था कि सुधीर के परिवार ने काला जादू कराया है. इसके अलावा प्रॉपर्टी और कारोबार को लेकर भी विवाद चल रहा था.

भतीजी निबेदिता निकली मास्टरमाइंड
पुलिस के मुताबिक इस पूरे किडनैपिंग‑मर्डर केस की मास्टरमाइंड सुधीर की भतीजी निबेदिता पात्रा थी. उसने अपने बॉयफ्रेंड कालू चरण प्रधान (28), निवासी कालियागुड़ा, गंगापुर थाना क्षेत्र, के साथ मिलकर साजिश रची. निबेदिता ने कालू को बताया था कि उसके चाचा के पास काफी पैसा है, जिसके बाद फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाई गई.
भाई और दोस्तों ने भी दिया साथ
निबेदिता का भाई तुषार कुमार पात्रा भी इस साजिश में शामिल था. वह लगातार कालू के घर जाता और प्लानिंग में मदद करता था. इसके बाद कालू ने सूरत से जुड़े अपराधी जीतुनु प्रधान और सूर्य प्रताप सिंह समेत कई बदमाशों को इसमें शामिल किया. सभी ने मिलकर तय किया कि किडनैप कैसे होगा, फिरौती की कॉल कौन करेगा और पैसे कैसे वसूले जाएंगे.
गुजरात से ओडिशा तक फैला नेटवर्क
इस केस में गुजरात कनेक्शन भी सामने आया है. सूरत से जुड़े अपराधियों के अलावा हिंजिली इलाके के जीतुनु पोलेई को भी साजिश में शामिल किया गया. नारायण प्रधान और आशीष महापात्र ने शराब और दूसरे सामान का इंतजाम कर आरोपियों की मदद की.
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल बोलेरो और Hyundai Venue कार, 14 मोबाइल फोन और एक देसी कट्टा बरामद किया है. सभी 9 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे आगे पूछताछ की जाएगी. कुछ आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है.
गंजाम एसपी सुवेंदु कुमार पात्रा ने कहा, “निबेदिता ने ही अपने बॉयफ्रेंड को बताया था कि चाचा के पास काफी पैसा है. उसी के बाद पूरी साजिश रची गई. पारिवारिक विवाद और पैसों की लालच ने इस जघन्य अपराध को जन्म दिया.”
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