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Coinbase layoffs 2026: मेटा के बाद इस बड़ी कंपनी ने किया छंटनी का ऐलान, निकाले जाएंगे 14% कर्मचारी

Coinbase Layoffs 2026: कॉइनबेस छंटनी करने वाली अकेली कंपनी नहीं है. पिछले कुछ महीनों में मेटा, अमेजन, डेल के साथ ओरेकल जैसी बड़ी कंपनियों ने ले-ऑफ का ऐलान किया है.

Coinbase layoffs 2026: मेटा के बाद इस बड़ी कंपनी ने किया छंटनी का ऐलान, निकाले जाएंगे 14% कर्मचारी
Coinbase Layoffs 2026: सीईओ ब्रायन के अनुसार कंपनी का कल्चर अब पूरी तरह से बदल जाएगा. छोटी-छोटी टीमें बनाई जाएंगी, जो एआई की मदद लेंगी.

Coinbase layoffs 2026: मेटा की छटनी का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि अब एक और बड़ी कंपनी में ले-ऑफ की बातें शुरू हो गईं हैं. कंपनी जुड़ी है क्रिप्टो मार्केट से और नाम है कॉइनबेस. कंपनी ने अपनी टोटल वर्कफोर्स में 14 फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया है. इस पूरे मामले की जानकारी कॉइनबेस के सीईओ ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट के जरिए दी. ब्रायन ने बताया कि कंपनी अब फ्यूचर के लिए अपने आप को तैयार कर रही है, जिसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा दिया जाएगा.

एक्स पर क्यो बोले कॉइनबेस के सीईओ?

कॉइनबेस के सीईओ ब्रायन ने एक्स पर इस ले-ऑफ के बारे में बताते हुए एंप्लॉय को दिए इंटरनल मेल के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कंपनी इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है. रिस्ट्रक्चरिंग के लिए कंपनी से 14 फीसदी कर्मचारियों को निकालना जरूरी है. बदलाव की बात करें तो कॉइनबेस अब एआई नेटिव मॉडल की तरफ जा रही है, इसके लिए टेक्नोलॉजी को वर्कफोर्स से आगे रखा जाएगा.  

क्यों रही इतने बड़े पैमाने पर ले-ऑफ?

पहली बड़ी वजह कंपनी के बढ़ते खर्चों को माना जा रहा है. सभी जानते हैं कि क्रिप्टो का मार्केट में उतार-चढ़ाव बड़ा होता है. हालांकि फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स के हिसाब से कंपनी के पास कैपिटल की कमी नहीं है. लेकिन क्रिप्टो के मार्केट को देखते हुए कंपनी को ये फैसला लेना पड़ा है. सीईओ ब्रायन ने अपनी पोस्ट में कहा कि मार्केट में जब भी करेक्शन आएगा, उस समय के लिए कंपनी को तैयार रहने की जरूरत है. 

इसके अलाना एआई में कंपनी ने पिछले कुछ समय से अपना निवेश बढ़ाया है. इसके बारे में सीईओ ब्रायन ने अपनी पोस्ट पर सबसे ज्यादा जोर दिया है. उनके अनुसार एआई के इस्तेमाल से कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी कई गुना बढ़ गई है. पहले जो काम होने में महीनों लग रहे थे, वो ही काम अब कुछ ही दिन में पूरा हो जा रहा है.

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एआई-नेटिव मॉडल क्या है?

सीईओ ब्रायन के अनुसार कंपनी का कल्चर अब पूरी तरह से बदल जाएगा. छोटी-छोटी टीमें बनाई जाएंगी, जो एआई की मदद से इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डिजाइनिंग और मैनेजमेंट को एक ही साथ संभाल सकती है. यही एआई नेटिव मॉडल है. इसकी एक और खास बात ये है कि मैनेजमेंट का रोल सीमित रहता है, हर कर्मचारी की प्रोडक्टिविटी एआई से जरिए बूस्ट की जाएगी. 

ले-ऑफ प्रोसेस का कंपनी पर असर

सीईओ के अनुसार इस ले-ऑफ के पूरे प्रोसेस में कंपनी पर 50 से 60 मिलियन का बोझ पड़ सकता है. दरअसल कंपनी निकालने वाले कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज के साथ दूसरे कई राहत पैकेज देगी, जिसका असर कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन पर देखने को मिलेगा ही.  

मेटा, अमेजन कई कंपनी कर चुकी हैं छंटनी का ऐलान

कॉइनबेस (Coinbase Layoffs 2026) छंटनी करने वाली अकेली कंपनी नहीं है. पिछले कुछ महीनों में मेटा, अमेजन, डेल के साथ ओरेकल जैसी बड़ी कंपनियों ने ले-ऑफ का ऐलान किया है. मेटा में तो 20 मई के दिन कर्मचारियों को मेल के जरिए छंटनी की जानकारी दी जाएगी. एक्सपर्ट का मानना है कि कंपनी अब एफिशिएंसी पर फोकस कर रही हैं.  साल 2021-22 में लगभग सभी कंपनियों ने जमकर हायरिंग की थी, पर अब एआई के बढ़ते प्रभाव के बाद से तस्वीर लगातार बदल रही है.

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