Milky Mist Founder Sathish Kumar Success Story: व्यवसाय की दुनिया में सफलता किसी डिग्री या बड़े निवेश की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह सही समय पर सही अवसर को पहचानने और दृढ़ संकल्प से मिलती है. इसका सबसे प्रत्यक्ष उदाहरण हैं मिल्की मिस्ट (Milky Mist Dairy Food) के संस्थापक सतीश कुमार टी...
तमिलनाडु के इरोड जिले से ताल्लुक रखने वाले सतीश कुमार ने 16 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़कर अपने संघर्षरत पारिवारिक व्यवसाय की कमान संभाली थी. उस समय उनका धंधा बैग में रखकर सिर्फ 10 किलो पनीर बेचने से शुरू हुआ, जो आज 10,778 करोड़ रुपये के वैल्युएशन वाली एक विशाल डेयरी कंपनी के रूप में बदल चुका है.
जब 16 साल की उम्र में छोड़ना पड़ा स्कूल
1980 के दशक की शुरुआत में सतीश कुमार के परिवार का पावर लूम का व्यवसाय बंद हो गया था. इसके बाद परिवार ने दूध के कारोबार में कदम रखा और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से दूध खरीदकर केन में भरकर बेंगलुरु भेजना शुरू किया. हालांकि, इस बिजनेस में भारी प्रतिस्पर्धा और बेहद कम मुनाफा था, जिसके कारण 1992 में यह काम भी ठप होने की कगार पर पहुंच गया. परिवार की आर्थिक तंगी को देखते हुए महज 16 साल की उम्र में सतीश कुमार ने स्कूल छोड़कर व्यवसाय संभालने का कड़ा फैसला किया.
ट्रायल एंड एरर से सीखा पनीर बनाना
सतीश कुमार ने देखा कि बेंगलुरु का एक ग्राहक उनसे दूध खरीदकर उससे पनीर बनाकर होटलों में बेचता है और अच्छा मुनाफा कमाता है. उस दौर में न तो गूगल था और न ही यूट्यूब, जहां से रेसिपी सीखी जा सके. लिहाजा, पनीर बनाने के लिए सतीश कुमार ने दूध को गर्म करके उसमें सिरका मिलाकर फाड़ने के प्रयोग शुरू किए. इस दौरान कई प्रयास विफल हो गए, जिससे काफी दूध भी बर्बाद हुआ. हालांकि, लगातार मेहनत के बाद आखिरकार उन्हें सही क्वालिटी का पनीर बनाने में सफलता मिल गई. इसके बाद 1993 में वे पहली बार अपने हाथ से बना 10 किलो पनीर का पहला बैच एक बैग में रखकर बस से बेंगलुरु बेचने गए, जहां उन्हें बड़ी सफलता मिली. फिर देखते ही देखते 1995 तक वे रोजाना 50 से 100 किलो पनीर बेचने लगे. इसके बाद उनके परिवार ने सिर्फ दूध बेचने के बजाय दूध का इस्तेमाल पनीर बनाने में करने का ऐतिहासिक फैसला लिया.
सिर्फ दूध बेचने के बजाय वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स पर किया फोकस
साधारण दूध जल्दी खराब होता है और उसमें मार्जिन बहुत कम होता है. लिहाजा, सतीश कुमार ने समझा कि अगर दूध को प्रोसेस करके वैल्यू एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स बनाए जाएं, तो कंपनी को बड़ा ब्रांड बनाया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने 1997 में Milky Mist की बुनियाद रखी. पनीर की सफलता के बाद कंपनी ने दही, मक्खन, घी, चीज, आइसक्रीम और UHT प्रोडक्ट्स की विशाल रेंज लॉन्च की. इसके अलावा कंपनी ने Smart Chef, Capella और Misty Lite जैसे दूसरे ब्रांड्स भी शुरू कर दिए. इसके साथ ही डेयरी उत्पादों की ताजगी बनाए रखने के लिए कंपनी ने खुद की रीफर्ड गाड़ियों और बड़े ऑटोमेटिक प्लांट्स में भारी निवेश किया.
मिल्की मिस्ट का शानदार वित्तीय प्रदर्शन
| वित्तीय वर्ष | कुल राजस्व | शुद्ध लाभ |
| FY 2024 | 1,826.86 करोड़ रुपये | 19.44 करोड़ रुपये |
| FY 2025 | 2,354.79 करोड़ रुपये | 46.07 करोड़ रुपये |
| FY 2026 | 3,145.01 करोड़ रुपये | 127.01 करोड़ रुपये |
1,553 करोड़ के IPO के साथ शेयर बाजार में दस्तक की तैयारी
वर्षों की विश्वास और लगातार नई तकनीक और नए प्रोडक्ट्स के बाद अब मिल्की मिस्ट दलाल स्ट्रीट यानी Stock Market पर इतिहास रचने जा रही है. दरअसल, कंपनी 1,553 करोड़ के आईपीओ के साथ शेयर बाजार में दस्तक देने जा रही है. कंपनी का 1,553 करोड़ रुपये का आईपीओ 11 अगस्त 2026 को खुलेगा. इसमें 1,428 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे और 125 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल भी शामिल हैं. आईपीओ के प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का पोस्ट इश्यू वैल्यूएशन लगभग 10,778 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
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