- कंपनी को अप्रैल 2026 में देश का पहला अमोनिया डुअल फ्यूल बल्क कैरियर बनाने का महत्वपूर्ण ऑर्डर प्राप्त हुआ है.
- मई 2026 में कंपनी ने 4,000 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने के लिए QIP या प्रेफरेंशियल इश्यू की मंजूरी ली है.
- स्वान डिफेंस के पास 662 गुना 65 मीटर का विशाल ड्राई डॉक है, जो बड़े जहाज और युद्धपोत बनाने में सक्षम है.
Swan Defence Fund Raise 4000 Crore QIP: भारतीय रक्षा और शिप बिल्डिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Swan Defence and Heavy Industries Ltd) के शेयरों में पिछले दिनों जबरदस्त लिवाली देखी जा रही है, जिसकी वजह से हाल ही में स्टॉक 52 सप्ताह के अपने नए उच्चतम स्तर 2,749.40 रुपये पर पहुंच गया. हालांकि, शेयर अपने अपने उच्चतम स्तर से फिसलकर 2,570 पर आ चुका है.
स्टॉक में आई इस तेजी की मुख्य वजह डेनमार्क की वैश्विक शिपिंग दिग्गज कंपनी Svitzer A/S से मिला 4 एडवांस TRAnsverse 3200 टग बोट बनाने का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर है. इस वैश्विक कॉन्ट्रैक्ट ने कंपनी के एक्सपोर्ट पोर्टफोलियो को नई मजबूती प्रदान की है. इसके अलावा भी कई वजहें हैं, जिनकी वजह से स्वान डिफेंस के शेयर में तेजी देखने को मिली है, जो नीचे दी गई है.
अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स की मजबूत सीरीज
डेनमार्क की कंपनी Svitzer से मिला यह लगातार चौथा विदेशी ऑर्डर है. इन टग बोट्स का निर्माण गुजरात स्थित कंपनी के पीपावाव शिपयार्ड (Pipavav Shipyard) में किया जाएगा, जिनकी डिलीवरी वर्ष 2028 की शुरुआत से शुरू होगी.
देश का पहला अमोनिया बल्क करियर प्रोजेक्ट
इससे पहले अप्रैल 2026 में कंपनी को 1,500 से 3,000 करोड़ रुपये का भारत का पहला अमोनिया डुअल फ्यूल बल्क कैरियर बनाने का ऐतिहासिक ऑर्डर मिला था. यह देश के ग्रीन शिप बिल्डिंग सेक्टर में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है.
4,000 करोड़ रुपये का फंड रेजिंग प्लान
विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता
कंपनी के पास दुनिया के सबसे बड़े शिप बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक यानी 662 गुना 65 मीटर का ड्राई डॉक मौजूद है. इसके चलते यह एक साथ कई बड़े जहाजों और नौसेना के युद्धपोतों का निर्माण करने में पूरी तरह सक्षम हैं.
रक्षा क्षेत्र का अनुकूल माहौल
भारत सरकार की ओर से रक्षा बजट में लगातार बढ़ोतरी करना और मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशीकरण पर जोर देना इस सेक्टर की सभी कंपनियों के लिए एक बड़ा सकारात्मक माहौल तैयार कर रहा है.
स्वान एनर्जी का अधिग्रहण और टर्नअराउंड
पूर्व में रिलायंस डिफेंस एंड इंजीनियरिंग के नाम से जानी जाने वाली इस कंपनी को स्वान एनर्जी की ओर से टेकओवर किए जाने के बाद से इसका कायाकल्प हुआ है. कंपनी के वित्तीय नतीजों में सुधार हो रहा है और घाटा काफी कम हुआ है. प्रमोटर्स की 89.90% हिस्सेदारी कंपनी में उनके मजबूत विश्वास को दर्शाती है.
निवेशकों के लिए ध्यान रखने योग्य 2 मुख्य जोखिम
इस शेयर ने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, लेकिन नए निवेश के लिए इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि निचले स्तर यानी 342 से 2,749 रुपये तक की बड़ी तेजी के बाद स्टॉक का वैल्यूएशन काफी ऊपर चला गया है. ऐसे में किसी भी कमजोर तिमाही नतीजे या मुनाफावसूली पर शेयर में तेज करेक्शन आ सकता है. 2028 और 2029 की समय सीमा के तहत इतने बड़े और तकनीकी प्रोजेक्ट्स को तय समय पर डिलीवर करना कंपनी के मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी चुनौती है.
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Swan Defence के शेयरों में मंगलवार के कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई, जहां यह शेयर 2.00% यानी 52.50 रुपये टूटकर 2,570.00 रुपये पर आ गया. सुबह करीब 9:50 बजे स्टॉक 2,576.90 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था, जिसके बाद इसमें बिकवाली का दबाव देखा गया. इससे पहले यह शेयर 2,622.50 रुपये पर बढ़त के साथ खुला, जो कि इसका अब तक का दिन का उच्चतम स्तर भी रहा. इसके बाद कारोबार के दौरान इसमें गिरावट आई और यह 2,519.00 रुपये के निचले स्तर तक एक बार पहुंच गया. हालांकि, फिलहाल ये मामूली सुधार के साथ 2,570.00 पर कारोबार करता दिख रहा है.
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नोट- ये एक सामान्य जानकारी है, स्वान डिफेंस में किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें.
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