अगर आप भी अपने पैसे को सुरक्षित रखने और गारंटीड रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD पर भरोसा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. RBI ने बैंक डिपॉजिट और FD पर मिलने वाले ब्याज को पारदर्शी बनाने के लिए एक नया ड्राफ्ट नियम पेश किया है. इस नए नियम के आने के बाद अब बैंक अपनी मर्जी से या गुपचुप तरीके से ब्याज दरों में बदलाव नहीं कर पाएंगे. आइए जानते हैं कि इस नए नियम से आपकी जेब पर क्या असर पड़ने वाला है.
अब बैंकों में आएगी पूरी पारदर्शिता
RBI के इस प्रस्तावित नियम का सबसे बड़ा फायदा पारदर्शिता के रूप में सामने आएगा. अब सभी बैंकों को हर Business Day शुरू होने से पहले अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर सभी जमा योजनाओं की ब्याज दरें घोषित करनी होंगी. बैंक सिर्फ उसी ब्याज दर पर डिपॉजिट स्वीकार करेंगे जो उन्होंने सुबह वेबसाइट पर दिखाई है. इससे ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करने में बहुत आसानी होगी.
क्या होते हैं बल्क डिपॉजिट?
RBI का यह नया बदलाव मुख्य रूप से बल्क डिपॉजिट (Bulk Deposit) पर केंद्रित है. बल्क डिपॉजिट का मतलब उस बड़ी धनराशि से होता है जिसे कोई बड़ी कंपनी, संस्थान या हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) एक साथ बैंक में जमा करते हैं. नए नियमों के तहत बैंकों को अपनी लिक्विडिटी यानी नकदी की जरूरत के हिसाब से इन बड़े डिपॉजिट्स पर अलग-अलग ब्याज दरें तय करने की पूरी आजादी होगी.
नकदी की जरूरत के हिसाब से तय होगा ब्याज
अगर किसी बैंक को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए ज्यादा फंड की जरूरत होगी, तो वह बड़े जमाकर्ताओं को लुभाने के लिए सामान्य से अधिक ब्याज दर ऑफर कर सकेगा. इसके विपरीत, यदि किसी बैंक के पास पहले से ही पर्याप्त नकदी मौजूद है, तो वह बल्क डिपॉजिट पर कम ब्याज दर भी दे सकता है. इससे बैंकों को अपने फंड को बेहतर तरीके से मैनेज करने की आजादी मिलेगी.
आम FD निवेशकों पर क्या होगा असर?
सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) श्वेता शास्त्री के अनुसार, यह नियम सीधे तौर पर छोटे निवेशकों को प्रभावित नहीं करता है, लेकिन आने वाले समय में इसका असर पूरे डिपॉजिट मार्केट पर जरूर दिखेगा. पहले सभी बैंकों की FD दरें लगभग एक जैसी होती थीं, लेकिन अब जमा राशि और अवधि के हिसाब से दरों में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है.
FD में पैसा लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ब्याज दरों की तुलना करने के साथ-साथ निवेशकों को सिर्फ ऊंचे रिटर्न के पीछे नहीं भागना चाहिए. निवेश से पहले इन जरूरी बातों को जरूर चेक करें:-
1. प्रीमैच्योर पेनल्टी: समय से पहले FD तोड़ने पर बैंक कितना जुर्माना लगा रहा है.
2. स्वीप-इन सुविधा: क्या बैंक आपकी FD पर स्वीप-इन (Sweep-in) की सुविधा दे रहा है.
3. फंड की उपलब्धता: जरूरत पड़ने पर आपको आपका पैसा कितनी जल्दी वापस मिल सकता है.
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